
स्थान : लालकुआं
ब्यूरो रिपोर्ट

क्षेत्र में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी को जान से मारने, अपहरण करने और रंगदारी मांगने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। घटना से नाराज जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने लालकुआं कोतवाली पहुंचकर एसएसआई दीपक बिष्ट को लिखित तहरीर सौंपी। प्रतिनिधिमंडल ने नामजद आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

पीड़ित पीयूष जोशी के अनुसार, बीते दिनों आबादी वाले संकरे ग्रामीण क्षेत्र में तेज गति से जा रहे ओवरलोड डंपर को ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रोका गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर दिया था। आरोप है कि इसके बाद पंकज कोरंगा ने फोन पर जोशी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकियां दीं।



पीयूष जोशी का आरोप है कि आरोपी ने सीज किए गए वाहन पर लगे करीब 60 से 65 हजार रुपये के जुर्माने की वसूली उनसे करने की बात कही। इसके अलावा जानलेवा हमला करने, बांधकर उठा ले जाने और घर में वाहन घुसाकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को फोन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग और घटना से संबंधित विवरण सौंपने की बात कही है।


सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने कहा कि उन्होंने जनहित और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।



मामले को लेकर कोतवाली पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप पांडे, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कमल भंडारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय रोहित दुमका, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रिंस भारद्वाज, पूर्व छात्र महासंघ उपाध्यक्ष सचिन फुलारा, पूर्व युवक मंगल दल अध्यक्ष कैलाश भट्ट, छात्र नेता हिमांशु कुनियाल, उप ग्राम प्रधान कपिल राणा और विकास गुप्ता समेत कई लोग शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि नामजद आरोपी की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो व्यापारिक, सामाजिक और छात्र संगठन एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।




वहीं, एसएसआई दीपक बिष्ट ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

