चंपावत में 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, एक ही परिवार के पांच लोग घायल

चंपावत में 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, एक ही परिवार के पांच लोग घायल

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक में नेपाल सीमा से लगे डूंगरा लेटी क्षेत्र में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। सुंगर खाल से फरीदाबाद की ओर जा रही स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कर दिया। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पुलिस व सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को हादसे की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से पंचम वाहिनी एसएसबी धर्माघाट और पंचेश्वर कोतवाली पुलिस की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया।

गहरी खाई में उतरकर ग्रामीणों और रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को 108 एंबुलेंस और एसएसबी के वाहन की मदद से लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। यहां प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र बोरा के नेतृत्व में घायलों का उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, दो घायलों की हालत गंभीर है।

हादसे में दशरथ, वाहन चालक जगदीश सिंह, गौरव सिंह, दक्ष और सौरव घायल हुए हैं। सभी घायल नेपाल के बंड डूंगोरी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। घायलों में जगदीश सिंह और गौरव सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है।

नेपाल निवासी दीवान सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्य करीब एक सप्ताह पहले फरीदाबाद से अपने पैतृक गांव नेपाल में पूजा करने आए थे। शुक्रवार को पूजा करने के बाद सभी कार से फरीदाबाद लौट रहे थे। इसी दौरान सुंगर खाल से आगे यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल सभी लोग एक ही परिवार के हैं।

हादसे की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि प्रवीण पांडे और पुष्कर सिंह बोहरा समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और घायलों को खाई से बाहर निकालने में मदद की।

वहीं, लोहाघाट की पूर्व ब्लॉक प्रमुख उषा नलवा ने हादसे के लिए सड़क की बदहाल स्थिति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि टूटी-फूटी सड़क के सुधारीकरण की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से शासन-प्रशासन के सामने उठा रहे हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत और सुधारीकरण नहीं किया गया तो भविष्य में भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।