
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग और प्रकरण से जुड़े आरोपों के बीच दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में जिला महानगर कांग्रेस कमेटी हरिद्वार ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुखी नदी से भीमगोड़ा तक कैंडल मार्च निकालकर अंकिता को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

कैंडल मार्च के दौरान जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर ने अंकिता भंडारी के लिए न्याय की आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है और प्रकरण से जुड़े अनुत्तरित सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।



कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता के माता-पिता आज भी अपनी बेटी के लिए पूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार की पीड़ा और उसके सवालों को नजरअंदाज करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी सवालों का जवाब देने की मांग की।


प्रदर्शनकारियों ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में जिन नामों को लेकर परिवार सवाल उठा रहा है, उनसे जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय भाजपा सरकार संबंधित नेताओं को सम्मानित कर रही है।


कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त करना राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में सामने आए आरोपों और परिवार की ओर से उठाए गए सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

कैंडल मार्च के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, मामले में जवाबदेही तय करने और परिवार की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग उठाई।




