
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के उपाय तेज कर दिए हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सड़क की संरचना में बदलाव, स्पीड कैमरे लगाने और सुरक्षा संकेतक स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि हादसों की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए सीआरआरआई (केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान) और अन्य संस्थाओं से अध्ययन कराया गया था। इस अध्ययन की रिपोर्ट प्रशासन को प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाने की योजना बनाई जा रही है।



उन्होंने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क की बनावट में बदलाव करने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत ऐसे क्षेत्रों से करीब 500 मीटर पहले छह लेन वाले मार्ग को चार लेन या दो लेन में परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर काम हो रहा है, ताकि वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जा सके और वाहनों की गति नियंत्रित करने में मदद मिले।


सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए स्पीड कैमरे लगाने की योजना भी बनाई गई है। जिलाधिकारी के अनुसार, इस संबंध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से बातचीत हो चुकी है। इसके लिए फंड जारी होते ही चिह्नित स्थानों पर कैमरे स्थापित किए जाएंगे।


प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में दोनों तरफ बड़े साइनेज बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन संकेतकों के माध्यम से वाहन चालकों को आगे की सड़क की स्थिति, संभावित खतरों और सावधानी बरतने के संबंध में जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करने और अचानक ब्रेक लगाने जैसी परिस्थितियों को कम करने के उद्देश्य से रंबल स्ट्रिप्स स्थापित की जा रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर जिग-जैग बैरियर लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे यातायात को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।




जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल सड़क की संरचना में बदलाव करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को जागरूक करना भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रक चालकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्हें तेज रफ्तार से बचने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुधार कर सड़क हादसों की संख्या कम करना है। इसके लिए सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विभिन्न उपायों को लागू किया जा रहा है। स्पीड कैमरे लगाने और सड़क की संरचना में बदलाव जैसे प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई फंड की उपलब्धता और संबंधित विभागों की प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

