बाजपुर में धूमधाम से निकली श्रीराम बारात, 12 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

बाजपुर में धूमधाम से निकली श्रीराम बारात, 12 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

बाजपुर नगर में मंगलवार शाम श्रीराम बारात धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। गाजे-बाजे के बीच निकली भव्य बारात में 12 दूल्हों की घुड़चढ़ी आकर्षण का केंद्र रही। नगर में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया। वहीं, आदर्श श्रीरामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 12 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।

बाजपुर में पिछले 37 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत इस वर्ष भी श्रीराम बारात का आयोजन किया गया। बारात का शुभारंभ सुप्रसिद्ध सर्जन एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. हरिओम पांडेय, उनके पुत्र डॉ. चेतन पांडेय और उनकी पत्नी डॉ. पूनम पांडेय ने अपने आवास पर विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया।

श्रीराम बारात में सबसे आगे भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ भरत एवं शत्रुघ्न की आकर्षक झांकी शामिल रही। इसके पीछे घोड़ों पर सवार 12 दूल्हे चल रहे थे। बैंड-बाजे और धार्मिक उत्साह के बीच निकली बारात को देखने के लिए नगर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया।

आयोजन का मुख्य आकर्षण 12 निर्धन परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह रहा। आदर्श श्रीरामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में 12 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इस पहल के माध्यम से समिति ने धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा और जरूरतमंद परिवारों की सहायता का संदेश दिया।

सामूहिक विवाह समारोह में गन्ना दर्जा राज्य मंत्री मनजीत सिंह राजू, भाजपा नेता गौरव शर्मा, विमल शर्मा, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष यशपाल राजहंस, रेशम यादव, ओपी अग्रवाल, संजीव बंसल, गजानंद मित्तल, राजू वाल्मीकि, संजय रुहेला, चंद्र प्रकाश मित्तल और ममता जैन सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

समारोह में पहुंचे अतिथियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने निर्धन परिवारों की कन्याओं के विवाह की व्यवस्था करने के लिए श्रीरामलीला समिति के प्रयासों की सराहना की।

श्रीराम बारात और सामूहिक विवाह समारोह ने बाजपुर में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहयोग और समरसता का संदेश दिया। आयोजन में लोगों की भागीदारी और बारात के स्वागत ने उत्सव का माहौल बनाया।

37 वर्षों से चली आ रही श्रीराम बारात की परंपरा और 12 जोड़ों के सामूहिक विवाह ने इस वर्ष के आयोजन को विशेष बना दिया। धार्मिक उत्सव के साथ जरूरतमंद परिवारों की सहायता की पहल ने सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी।