
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे प्रदेश की बेटियों की अस्मिता और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस वीआईपी का नाम सामने आने की बात कही गई थी, उसे सजा मिलने के बजाय राज्यपाल का पद दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद सीबीआई ने अब तक संबंधित व्यक्ति से पूछताछ क्यों नहीं की।




कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि यह नियुक्ति संबंधित व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई से बचाने और संवैधानिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से की जा रही है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का मुद्दा उत्तराखंड की जनता की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नियुक्ति के फैसले को वापस नहीं लिया जाता और पहाड़ की बेटी को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।



अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर मामले में न्याय सुनिश्चित करने और उठ रहे सवालों का जवाब देने की मांग की है।

