
स्थान : थराली
ब्यूरो रिपोर्ट

चमोली जिले के थराली में थराली-देवाल मोटर मार्ग पर एसबीआई के समीप लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए जा रहे प्लम निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सड़क के निचले हिस्से में बन रहे सुरक्षा कार्य को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि पत्थरों की भराई के बाद ऊपर से सीमेंट और कंक्रीट का घोल डाला जा रहा है। हालांकि, निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों के पालन और गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

थराली तिराहे के पास सड़क को सुरक्षित रखने के लिए पहले भी अलग-अलग समय पर वायरक्रेट और पत्थरों की दीवार जैसे कार्य कराए जाते रहे हैं। अब इसी क्षेत्र में प्लम निर्माण किया जा रहा है। निर्माण की प्रक्रिया को लेकर उठ रही आपत्तियों के बीच विभागीय निगरानी और मौके पर गुणवत्ता जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।



स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, प्लम निर्माण में पत्थरों की भराई के बाद सीमेंट-कंक्रीट का घोल डाला जा रहा है। ऐसे में संबंधित विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री, कार्यप्रणाली और निर्धारित तकनीकी मानकों की जांच करें, ताकि निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।


पहाड़ी क्षेत्रों में प्लम और सुरक्षा दीवार का उद्देश्य सड़क के निचले हिस्से को सहारा देना, मिट्टी के कटाव को रोकना और सड़क की स्थिरता बनाए रखना होता है। ऐसे क्षेत्रों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता का सीधा संबंध सड़क की सुरक्षा और यातायात की सुचारु आवाजाही से है।


यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होता और कुछ समय बाद सुरक्षा दीवार कमजोर पड़ती है, तो इससे सड़क को नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।

प्लम निर्माण के दौरान सड़क पर मिट्टी और पत्थर आने से मार्ग का हिस्सा प्रभावित होने की बात भी सामने आ रही है। इससे निर्माण स्थल पर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पहाड़ी मार्गों पर निर्माण कार्य के दौरान मलबे का उचित प्रबंधन और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना आवश्यक है।



अब सवाल यह है कि लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है या नहीं। निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री और प्लम बनाने की प्रक्रिया की तकनीकी जांच कराए जाने से गुणवत्ता को लेकर उठ रही आशंकाओं का समाधान हो सकता है।
फिलहाल, थराली एसबीआई के समीप चल रहे प्लम निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों पर लोक निर्माण विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि विभाग इन आरोपों की जांच कराता है या नहीं और निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

