
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

धर्मांतरण के मामले में जेल से अंतरिम जमानत पर बाहर आए दान सिंह राणा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। पुलिस को उनकी गतिविधियों को लेकर नई शिकायतें मिलने के बाद अंतरिम जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन किया गया है। अब इस मामले में न्यायालय के फैसले पर नजर है। जमानत निरस्त होने की स्थिति में उनकी दोबारा गिरफ्तारी हो सकती है।

इस मामले में सीओ खटीमा नीरज सेमवाल ने पुष्टि करते हुए बताया कि दान सिंह राणा पूर्व में नानकमत्ता क्षेत्र में दर्ज धर्मांतरण के एक मामले में जेल गए थे और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सामने आई जानकारियों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर उनकी गतिविधियां संतोषजनक नहीं पाई गईं। इसी आधार पर पुलिस ने न्यायालय में जमानत निरस्तीकरण के लिए अर्जी दाखिल की है।




पुलिस की ओर से न्यायालय में आवेदन किए जाने के बाद अब आगे की कार्रवाई अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी। फिलहाल जमानत निरस्त होने या दोबारा गिरफ्तारी को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।


वहीं, इस मामले पर सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र राणा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर आने के बाद भी दान सिंह राणा की गतिविधियां ठीक नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि धर्मांतरण कराने की कोशिशें की जा रही हैं और थारू समाज की जमीनों पर पादरियों की नजर है। ये आरोप सांसद प्रतिनिधि की ओर से लगाए गए हैं।


मामले में अब न्यायालय की सुनवाई और पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि दान सिंह राणा की अंतरिम जमानत निरस्त होती है या नहीं।

