
स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

विकासखंड थराली के चेपड़ो में लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए जा रहे सड़क पैचवर्क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। कार्यस्थल की सामने आई तस्वीरों के बाद सड़क मरम्मत के काम और उसकी गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर सरकारी धनराशि के सदुपयोग और निर्माण कार्य की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।

जानकारी के अनुसार, संबंधित सड़क पर पैचवर्क के लिए करीब 18 से 20 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी धन जनता के टैक्स से प्राप्त होता है, इसलिए सड़क मरम्मत जैसे कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है।




इस संबंध में लोक निर्माण विभाग थराली के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने दूरभाष पर बताया कि उलंग्रा से देवाल होते हुए हाट कल्याणी तथा थराली बाजार से तिराहे तक सड़क पर पैचवर्क कराया जाना है। इस कार्य पर लगभग 18 से 20 लाख रुपये की लागत आने की बात उन्होंने कही।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि चेपड़ो में पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल विभाग के संज्ञान में आ गए हैं। इस संबंध में ठेकेदार को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, कार्य की गुणवत्ता की जांच और मौके पर निरीक्षण के नतीजों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।



पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें आम लोगों के आवागमन और दैनिक जरूरतों का प्रमुख साधन हैं। सड़क की खराब स्थिति से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी होने के साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में मरम्मत कार्य के दौरान निर्धारित मानकों का पालन और नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है।
चेपड़ो में पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच संबंधित विभाग से मौके पर निरीक्षण कराने और आवश्यक होने पर गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जा रही है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि काम निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।



अब विभागीय निर्देशों के बाद पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी। साथ ही, मरम्मत कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करना जरूरी होगा, ताकि सरकारी धनराशि का उचित उपयोग हो और स्थानीय लोगों को सड़क का अपेक्षित लाभ मिल सके।

