
लोकेशन :- रानीखेत
रिपोर्टर :- संजय जोशी

गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ताड़ीखेत स्थित ऐतिहासिक गांधी कुटीर से ताड़ीखेत बाजार तक मशाल जुलूस निकाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

ताड़ीखेत की गांधी कुटीर का स्वतंत्रता आंदोलन से ऐतिहासिक संबंध रहा है। महात्मा गांधी वर्ष 1929 में यहां तीन दिन के प्रवास पर रहे थे और इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े लोगों को संबोधित किया था।



गांधी जी के इसी ऐतिहासिक प्रवास की स्मृति में गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर ताड़ीखेत में मशाल जुलूस निकालने की परंपरा रही है। इससे पहले भी गांधी कुटीर से ताड़ीखेत बाजार तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।


मशाल जुलूस गांधी कुटीर से शुरू हुआ। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के भजन गाए और गांधी जी, पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री तथा स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में नारे लगाए।


हाथों में मशाल लेकर कार्यकर्ता ताड़ीखेत बाजार पहुंचे। जुलूस के दौरान महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और आपसी सद्भाव के संदेश को याद किया गया।

ताड़ीखेत बाजार पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ सभा आयोजित की। सभा में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और उनके विचारों पर अपने विचार रखे।



कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि समाज को महात्मा गांधी के आदर्शों और उनके दिखाए मार्ग पर चलने की जरूरत है। उन्होंने गांधी जी के विचारों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और महात्मा गांधी के सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। मशाल जुलूस के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया गया।

