रानीखेत में मां नंदा-सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा, लोकनृत्य और छपेली प्रतियोगिता ने बांधा समां

रानीखेत में मां नंदा-सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा, लोकनृत्य और छपेली प्रतियोगिता ने बांधा समां

स्थान : रानीखेत
रिपोटर : संजय जोशी

शनिवार प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा के साथ 137वें नंदा-सुनंदा महोत्सव के मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के बाद हवन-पूजन संपन्न कराया गया। सुबह से ही मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।

महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसएसबी के सेवानिवृत्त सेनानायक दीप पांडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान आयोजन समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय लोगों और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

मुख्य अतिथि दीप पांडे ने कहा कि 137 वर्षों से आयोजित होता आ रहा नंदा-सुनंदा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से जिस प्रकार नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने और उसके संरक्षण व संवर्धन का प्रयास किया जा रहा है, वह सराहनीय है।

सांस्कृतिक मंच पर अंतरविद्यालयी समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में कुमाऊं और उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए दर्शक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

सब जूनियर वर्ग की समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता में स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल ने प्रथम, सरस्वती शिशु मंदिर ने द्वितीय और रीना चिल्ड्रंस एकेडमी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों और निर्णायकों की सराहना बटोरी।

जूनियर वर्ग में छावनी इंटर कॉलेज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि गोविंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल दूसरे और रीना चिल्ड्रंस एकेडमी तीसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता के दौरान पारंपरिक लोकगीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों से पूरा सांस्कृतिक मंच लोक रंग में रंगा नजर आया।

इसके बाद महिलाओं की छपेली नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। महोत्सव में दूसरी बार आयोजित इस प्रतियोगिता में जय गोलू देवता महिला समूह खनिया ने प्रथम, मां नंदा-सुनंदा महिला समिति ने द्वितीय और नारी शक्ति समूह ने तृतीय स्थान हासिल किया। महोत्सव कार्यक्रम में महिला छपेली प्रतियोगिता को इस वर्ष भी प्रमुख स्थान दिया गया है।

विजेता प्रतिभागियों को सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिताओं में मोहम्मद आदिल और दीपक रावत ने निर्णायक की भूमिका निभाई, जबकि कार्यक्रम का संचालन दीपक पंत ने किया।

इस अवसर पर समिति संरक्षक हरीश लाल साह, अध्यक्ष गौरव भट्ट, गौरव तिवारी, परम मेहरा, अभिषेक कांडपाल, नेहा माहरा, रीना वर्मा और रामेश्वर गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। महोत्सव के आगामी दिनों में भी लोकनृत्य, विवाह गीत, ऐपण, उत्तराखंडी व्यंजन और पारंपरिक झोड़ा सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।