
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने एक बार फिर सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। उनकी दावेदारी सामने आने के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर टिकट की सियासत तेज हो गई है।

हरक सिंह रावत इससे पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि वह इस बार किसी मैदानी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं। सहसपुर और धर्मपुर समेत कुछ सीटों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान को करना है और पार्टी जहां से चुनाव लड़ाएगी, वह वहां से मैदान में उतरने को तैयार हैं।


हरक सिंह रावत का कहना है कि वह ऐसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं, जहां उनकी सक्रियता का असर आसपास के क्षेत्रों में भी पार्टी संगठन पर पड़े। उन्होंने यह भी कहा है कि अपनी पसंद और राजनीतिक परिस्थितियों से पार्टी नेतृत्व को अवगत करा चुके हैं।

हाल के दिनों में सहसपुर क्षेत्र में हरक सिंह रावत के समर्थन में कार्यकर्ताओं की नारेबाजी का वीडियो भी सामने आया है। इसमें समर्थक उन्हें सहसपुर से चुनाव लड़ाने की मांग करते दिखाई दिए। इस घटनाक्रम के बाद उनकी दावेदारी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हुई हैं।


सहसपुर सीट पर कांग्रेस के भीतर पहले से भी कई नेता टिकट की तैयारी कर रहे हैं। पूर्व में यहां से चुनाव लड़ चुके आर्येंद्र शर्मा की दावेदारी प्रमुख रूप से सामने आती रही है, जबकि राकेश नेगी और गुलजार अहमद के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में रहे हैं।
ऐसे में हरक सिंह रावत की दावेदारी से पार्टी नेतृत्व के सामने टिकट चयन के साथ विभिन्न दावेदारों के बीच समन्वय बनाए रखने का सवाल भी रहेगा। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी सहसपुर सीट के प्रत्याशी को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है।



सहसपुर विधानसभा सीट पर 2002 के चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इसके बाद 2007 से 2022 तक हुए चार विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों ने यहां जीत दर्ज की। मौजूदा विधायक सहदेव पुंडीर लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं।
हरक सिंह रावत वर्तमान में कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं और राज्य गठन के बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ चुके हैं। आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने अपनी प्राथमिकता पार्टी नेतृत्व के सामने रखने की बात कही है।
फिलहाल सहसपुर सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर दावेदारी का दौर जारी है। हरक सिंह रावत की इच्छा सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन प्रत्याशी चयन का अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व को ही करना है। ऐसे में आने वाले समय में पार्टी की टिकट प्रक्रिया पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।

