
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोट

चारधाम यात्रा-2026 के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू हुआ है।

बैठक में बताया गया कि 14 सितंबर की शाम सात बजे तक चारधाम यात्रा के लिए 66,07,749 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया था, जबकि 50,56,160 श्रद्धालु धामों और हेमकुंड साहिब में दर्शन कर चुके थे। इनमें बदरीनाथ में 17.36 लाख और केदारनाथ में 14.98 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं।



मुख्यमंत्री ने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से सड़क, यातायात, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मौसम और भूस्खलन की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा और राहत-बचाव व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।


दूसरे चरण को देखते हुए गढ़वाल मंडल में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के अनुसार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।


आयुक्त ने कहा कि मानसून का प्रभाव कम होने के साथ आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है। इसे देखते हुए यात्रा मार्गों पर आवश्यक तैयारियां और सुविधाएं दुरुस्त की जा रही हैं।

चारधाम यात्रा मार्गों पर क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क का काम भी तेज किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि यात्रियों को मार्ग पर कम से कम परेशानी हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।



यात्रा मार्ग पर लोक निर्माण विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन और आपदा प्रबंधन समेत संबंधित विभागों के कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चिकित्सा सुविधाओं, ऑक्सीजन, आपात संचार, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।

सरकार का फोकस दूसरे चरण में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने पर है। प्रशासन को संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

