लक्सर से भाजपा टिकट की दावेदारी, ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने जताई चुनाव लड़ने की इच्छा

लक्सर से भाजपा टिकट की दावेदारी, ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने जताई चुनाव लड़ने की इच्छा

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर लक्सर सीट पर सियासी हलचल तेज होने लगी है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए टिकट के लिए दावेदारी पेश की है।

ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं और जनसंघ के दौर से संगठन के लिए काम करते आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार वह लक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी नेतृत्व से टिकट की मांग करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उन्हें मौका देती है तो वह पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। सैनी ने अपनी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को वह लंबे समय से करीब से देखते आए हैं।

लक्सर विधानसभा क्षेत्र में सैनी समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी हाल के महीनों में अलग-अलग मंचों से दावेदारी सामने आई है। जुलाई 2026 में सैनी समाज के प्रतिनिधियों ने भी भाजपा से लक्सर सीट पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग उठाई थी।

ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में लंबे समय तक सेवाएं देने के कारण शिक्षा व्यवस्था की जरूरतों और कमियों से वह परिचित हैं और मौका मिलने पर शिक्षा क्षेत्र में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।

उन्होंने कहा कि लक्सर विधानसभा क्षेत्र में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के साथ बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

सैनी ने बहादरपुर रेलवे क्रॉसिंग की समस्या का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और यदि उन्हें जनप्रतिनिधि के रूप में काम करने का अवसर मिला तो इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास करना उनकी प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा कि टिकट का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है और वह भाजपा के समक्ष अपनी दावेदारी रखेंगे। फिलहाल उनकी घोषणा के बाद लक्सर विधानसभा सीट पर भाजपा के भीतर संभावित दावेदारों को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।