

ब्यूरो रिपोर्टर

E20 पेट्रोल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर ऐलान किया कि वह करीब 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास तक पैदल मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री को E20 पेट्रोल से जुड़ी लोगों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।


केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने करीब एक महीने पहले प्रधानमंत्री को E20 पेट्रोल के मुद्दे पर पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर लोगों में चिंता है और सरकार को इस पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।



आप संयोजक ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण लोगों के वाहनों की माइलेज कम हो रही है और कई लोगों को गाड़ियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बिना पर्याप्त जानकारी और जवाब दिए लोगों पर E20 पेट्रोल लागू कर रही है।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इथेनॉल को बढ़ावा देने के पीछे अंतरराष्ट्रीय दबाव भी एक कारण हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका भारत में अपने इथेनॉल के निर्यात को बढ़ावा देना चाहता है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
इससे पहले केजरीवाल ने दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में ‘नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20’ कार्यक्रम आयोजित किया था। उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम को लाखों लोगों ने देखा और बड़ी संख्या में लोगों ने E20 पेट्रोल से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा।

केजरीवाल ने बताया कि E20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम ऑनलाइन याचिका भी शुरू की गई थी, जिस पर करीब 2.33 लाख लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि वह मंगलवार दोपहर 12 बजे इथेनॉल प्रभावित लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास पहुंचकर यह याचिका सौंपेंगे।


उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर E20 पेट्रोल और इथेनॉल नीति पर चर्चा करना चाहते हैं। वहीं, E20 पेट्रोल को लेकर देश में जारी बहस के बीच केजरीवाल के इस कदम से राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

