

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना के अनुसार चंपावत जनपद को एक आदर्श जनपद के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत जिले को पर्यावरण, पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने के साथ-साथ योग के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।


जिलाधिकारी ने बताया कि शारदा कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में योग को एक प्रमुख आधार के रूप में शामिल किया गया है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि चंपावत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान भी और मजबूत होगी।


उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की तपोस्थली रहे इस क्षेत्र तथा लोहाघाट स्थित अद्वैत आश्रम मायावती के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए जिले में ‘जन-जन योग, घर-घर योग’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को योग के लाभों से जोड़ना और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।


आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस विशेष योग अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं करेंगे। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में योग विशेषज्ञ, विद्वान, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ सेना के जवान भी बड़ी संख्या में प्रतिभाग करेंगे।
जिला प्रशासन के अनुसार, इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘योग सखी दीदी’ पहल शुरू की जा रही है, जिसमें स्थानीय महिलाओं को योग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को आगे चलकर वेलनेस सेंटर, होटल और होम-स्टे में योग प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।


प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल चंपावत को योग, अध्यात्म और पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए रास्ते भी खोलेगी।

