
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


दीपावली, धनतेरस और भैया दूज के त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए खटीमा पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए खटीमा कोतवाली परिसर में पुलिस अधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों और ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।


खटीमा कोतवाली में आयोजित बैठक में शहर के सर्राफा व्यापारी, मोबाइल एसोसिएशन के पदाधिकारी, बड़े शोरूम संचालक और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा टुक-टुक यानी ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। इस दौरान बाजारों की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, वाहनों की पार्किंग और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस तथा व्यापारियों के बीच विचार-विमर्श हुआ।





बैठक में खटीमा कोतवाल ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक हो जाता है। पुलिस ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा।


पुलिस ने विशेष रूप से दुकानों के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। व्यापारियों से कहा गया कि कैमरों का रुख सड़क और दुकान के आसपास के क्षेत्र की ओर भी होना चाहिए, ताकि आने-जाने वाले व्यक्तियों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा सके। इसके साथ ही दुकानों के आगे और पीछे पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने को कहा गया, जिससे रात के समय भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।


बैठक में त्योहारों के दौरान ई-रिक्शा संचालन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने टुक-टुक यूनियन के पदाधिकारियों और चालकों को निर्धारित रूटों का पालन करने तथा मुख्य बाजारों में अव्यवस्थित ढंग से वाहन खड़े नहीं करने की हिदायत दी। अधिकारियों ने कहा कि बाजारों में अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन और गलत पार्किंग के कारण यातायात बाधित होता है, जिससे खरीदारी करने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में विशेष छूट देने की बात भी स्पष्ट की। पुलिस ने कहा कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति या मरीज को अस्पताल लेकर जा रहा है, तो ऐसे वाहन को आपात स्थिति में आने-जाने से नहीं रोका जाएगा। पुलिस का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना है, न कि जरूरतमंद लोगों को आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचने से रोकना।



इस दौरान स्थानीय व्यापारियों ने भी शहर की यातायात समस्याओं को पुलिस प्रशासन के सामने रखा। व्यापारियों ने मुख्य बाजारों में लगने वाले जाम और खड़ंजा रोड से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए इनके समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि धनतेरस और दीपावली पर बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ती है। ऐसे में यदि यातायात और पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन को सुझाव दिया कि त्योहारों के दौरान शहर में अस्थायी पार्किंग स्थल निर्धारित किए जाएं, ताकि खरीदारी करने आने वाले लोग अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर सकें। इससे मुख्य बाजारों में वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। पुलिस प्रशासन ने व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में पुलिस प्रशासन ने व्यापारियों और ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों से त्योहारों के दौरान सहयोग बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने कहा कि दीपावली, धनतेरस और भैया दूज जैसे प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और बाजारों में निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, व्यापारियों और वाहन चालकों से भी नियमों का पालन करने की अपील की गई, ताकि खटीमा में आमजन बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और उल्लासपूर्ण माहौल में त्योहार मना सकें।

