
स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट


हरिद्वार जनपद के लक्सर तहसील सभागार में भारतीय किसान यूनियन पटेल के पदाधिकारियों और तहसील स्तरीय अधिकारियों के बीच किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसान संगठन की ओर से 10 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया। किसानों ने खराब फसलों के मुआवजे, सहकारी समितियों से मिलने वाले ऋण और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री सहित कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।


बैठक में लक्सर उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला के साथ तहसीलदार दीवान सिंह नेगी और पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी मौजूद रहे। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन पटेल के पदाधिकारियों ने किसानों से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। किसान नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।





किसान संगठन के पदाधिकारियों ने खराब हुई फसलों के मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की मार से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में प्रभावित किसानों को समय पर उचित मुआवजा मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फसलों के नुकसान का आकलन कराकर पात्र किसानों को जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके।


इसके अलावा किसानों ने कोऑपरेटिव सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले ऋण से संबंधित समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा। किसान नेताओं ने कहा कि खेती-किसानी के लिए सहकारी समितियों से मिलने वाली ऋण सुविधा किसानों के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ऋण वितरण और उससे जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को खेती के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध हो सके।


बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि गांवों और देहात क्षेत्रों में अवैध नशे का कारोबार चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए अवैध नशे की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाना जरूरी है।

इस दौरान किसानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के माध्यम से उनका निराकरण कराने का आश्वासन दिया। उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला ने कहा कि किसानों की ओर से रखी गई सभी मांगों पर विचार कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा भी दिलाया।




वहीं, बैठक के दौरान चकबंदी विभाग, आबकारी विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठे। किसानों की समस्याओं से संबंधित इस महत्वपूर्ण बैठक में तीनों विभागों के प्रतिनिधि मौजूद नहीं थे। इस पर उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला ने अनुपस्थित विभागों को नोटिस जारी करते हुए अगले दिन दोपहर तीन बजे उपस्थित होने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर जवाब देने को कहा।

भारतीय किसान यूनियन पटेल के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा। किसान नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को धरातल पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला ने किसान प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों की संबंधित विभागों के स्तर पर समीक्षा कराई जाएगी और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर है और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान संगठन की निगाहें आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं, किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांगों का जल्द समाधान नहीं होने की स्थिति में वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

