37 साल की उम्र में विराट कोहली का मैदान पर कमाल, हवा में उड़कर पकड़ा अद्भुत कैच, धनुष वाले सेलिब्रेशन ने जीता दिल

37 साल की उम्र में विराट कोहली का मैदान पर कमाल, हवा में उड़कर पकड़ा अद्भुत कैच, धनुष वाले सेलिब्रेशन ने जीता दिल

ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी शानदार फिटनेस और जबरदस्त फील्डिंग से क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में 37 वर्षीय कोहली ने स्लिप में एक ऐसा शानदार कैच पकड़ा, जिसे देखकर मैदान पर मौजूद खिलाड़ी भी दंग रह गए। कोहली ने नाथन स्मिथ का मुश्किल कैच पकड़कर साबित कर दिया कि बढ़ती उम्र के बावजूद उनकी फुर्ती और मैदान पर सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में यह रोमांचक नजारा न्यूजीलैंड की पारी के 29वें ओवर में देखने को मिला। भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज की गेंद पर नाथन स्मिथ ने जोरदार ड्राइव लगाने का प्रयास किया, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर स्लिप की ओर चली गई। वहां मौजूद विराट कोहली ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए दाईं ओर छलांग लगाई और जमीन से कुछ इंच ऊपर गेंद को एक हाथ से लपक लिया।

कोहली का यह कैच इतना मुश्किल था कि मैदान पर मौजूद अंपायरों को भी इसकी पुष्टि के लिए तीसरे अंपायर की मदद लेनी पड़ी। टेलीविजन रिप्ले में स्पष्ट हुआ कि गेंद जमीन को छूने से पहले ही कोहली के हाथों में सुरक्षित पहुंच गई थी। इसके बाद तीसरे अंपायर ने नाथन स्मिथ को आउट करार दिया। इस शानदार कैच के साथ न्यूजीलैंड का सातवां विकेट 115 रन के स्कोर पर गिरा और भारतीय टीम ने मुकाबले में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।

कैच पकड़ने के बाद विराट कोहली का अनोखा अंदाज भी चर्चा का विषय बन गया। विकेट मिलने की खुशी में कोहली मैदान पर दौड़ते हुए नजर आए और फिर उन्होंने धनुष से निशाना लगाने जैसा सेलिब्रेशन किया। उनका यह जोशीला अंदाज क्रिकेट प्रशंसकों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर भी कोहली की शानदार फील्डिंग और उनके सेलिब्रेशन की चर्चा हो रही है। प्रशंसक उनकी फिटनेस और मैदान पर जबरदस्त ऊर्जा की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

विराट कोहली लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी फील्डिंग भी हमेशा टीम इंडिया की बड़ी ताकत रही है। मैदान पर तेज दौड़, मुश्किल कैच पकड़ने की क्षमता और हर गेंद पर सक्रिय रहने का उनका अंदाज युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा माना जाता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका यह शानदार कैच एक बार फिर उनकी मेहनत, एकाग्रता और फिटनेस का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।

वहीं मुकाबले की बात करें तो भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसे तेज गेंदबाजों ने सही साबित किया। न्यूजीलैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में महज 185 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर मेजबान टीम को बड़ा स्कोर बनाने का मौका नहीं दिया।

भारतीय टीम की ओर से अर्शदीप सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। वहीं गुरनूर बराड़ ने तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जबकि अंशुल कंबोज ने दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। कंबोज ने अपने दस ओवर में सिर्फ 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए। भारतीय तेज गेंदबाजों ने अनुकूल परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को लगातार दबाव में रखा।

न्यूजीलैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए। इसके अलावा ब्लेयर टिकनर ने 23 गेंदों में 34 रन की तेज पारी खेली, जबकि ग्लेन फिलिप्स ने 30 और डेरिल मिचेल ने 28 रनों का योगदान दिया। हालांकि, मेजबान टीम का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन और लेंथ के सामने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज लगातार संघर्ष करते नजर आए। अंतिम ओवरों में कुछ बड़े शॉट जरूर लगे, लेकिन टीम 200 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी।

न्यूजीलैंड को 185 रन पर समेटने के बाद भारतीय टीम के सामने जीत के लिए 186 रनों का लक्ष्य है। भारतीय बल्लेबाजों के पास इस लक्ष्य को हासिल कर वनडे सीरीज में शानदार शुरुआत करने का मौका है। मुकाबले में जहां भारतीय गेंदबाजों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया, वहीं विराट कोहली का हैरतअंगेज कैच सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। टीम इंडिया इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरी है।