
स्थान : खटीमा
ब्यूरो रिपोर्ट


त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऊधम सिंह नगर का खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी क्रम में खटीमा क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने विभिन्न मिष्ठान भंडारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान दर्जनों दुकानों की जांच कर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हलचल देखने को मिली।


जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशा आर्य और उनकी टीम ने खटीमा क्षेत्र के विभिन्न बाजारों में मिष्ठान भंडारों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों में तैयार की जा रही मिठाइयों, उनके रखरखाव, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई। टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से नमूने भी एकत्र किए।





खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट पर रोक लगाना है। त्योहारों के समय मिठाइयों, मावे और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है।


खटीमा क्षेत्र की भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से नजदीकी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। विभाग को सीमा क्षेत्र से नकली अथवा मिलावटी मावे की आवक की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले मावे और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है। हालांकि, इस अभियान में नकली मावा बरामद होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।



निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशा आर्य और उनकी टीम ने मिष्ठान विक्रेताओं को मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और उपभोग की अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि ग्राहकों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि मिठाई कब तैयार की गई है और कितने समय तक उसका सुरक्षित सेवन किया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं को बासी और खराब खाद्य सामग्री खरीदने से बचाने में मदद मिलेगी।

विभागीय टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों के रखरखाव और साफ-सफाई को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान खुले में मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री रखकर बेचने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री को धूल, गंदगी और अन्य बाहरी प्रदूषण से सुरक्षित रखना आवश्यक है। साथ ही दुकानों और खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थानों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।




खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण में केवल गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग किया जाए। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को चेताया कि त्योहारों के दौरान अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग की ओर से दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। यदि जांच में कोई नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है या मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग ने खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का पालन करने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खटीमा सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए विभाग की सतर्कता जारी रहेगी।

