भगवानपुर में उद्यमियों की समस्याओं को लेकर मंथन, ड्रेनेज और बदहाल सड़कों का मुद्दा छाया, मंत्री भरत सिंह चौधरी ने दिया समाधान का भरोसा

भगवानपुर में उद्यमियों की समस्याओं को लेकर मंथन, ड्रेनेज और बदहाल सड़कों का मुद्दा छाया, मंत्री भरत सिंह चौधरी ने दिया समाधान का भरोसा

स्थान : भगवानपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई उद्योग-सरकार समन्वय कॉन्क्लेव 2026 के तहत उद्यमियों और प्रदेश सरकार के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। भगवानपुर क्षेत्र के एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भरत सिंह चौधरी ने स्थानीय और प्रदेश स्तर से पहुंचे सैकड़ों उद्यमियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्र में बदहाल सड़कों और जल निकासी की समस्या प्रमुखता से उठाई गई। मंत्री ने उद्यमियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में भगवानपुर सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से पहुंचे उद्यमियों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को कैबिनेट मंत्री के सामने रखा। उद्यमियों ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए सड़क, जल निकासी और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

संवाद कार्यक्रम के दौरान भगवानपुर इंडस्ट्रियल एरिया में ड्रेनेज सिस्टम की बदहाल स्थिति सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आई। उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होने से औद्योगिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। उद्यमियों ने सरकार से ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करने की मांग की।

इसके अलावा भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उद्यमियों ने कहा कि खराब सड़कों के कारण औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों के परिवहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत और आवश्यक स्थानों पर निर्माण कार्य कराने की मांग की। उद्यमियों का कहना था कि बेहतर सड़क सुविधाओं से उद्योगों के संचालन में आसानी होगी और परिवहन व्यवस्था भी मजबूत होगी।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। उद्यमियों ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों से संबंधित समस्याओं के निराकरण में विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों में होने वाली परेशानियों को मंत्री के सामने रखते हुए समाधान की मांग की। इस दौरान सरकार और उद्योग जगत के बीच नियमित संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विभागीय स्तर पर कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने उद्योग जगत और सरकार के बीच संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उद्यमियों से सीधे बातचीत करने से उनकी वास्तविक समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी मिलती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उद्योगों के संचालन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

वहीं, कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश में चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर भी कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘बुझा हुआ कारतूस’ करार दिया। मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले हरक सिंह रावत निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने हरक सिंह रावत के बयानों की आलोचना करते हुए प्रदेश सरकार का बचाव किया।

भगवानपुर में आयोजित एमएसएमई कॉन्क्लेव में एक ओर उद्यमियों की समस्याओं और औद्योगिक विकास को लेकर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर मंत्री भरत सिंह चौधरी के राजनीतिक बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही जुबानी जंग को भी नया मुद्दा दे दिया। फिलहाल उद्यमियों की सबसे बड़ी उम्मीद भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम और सड़कों की बदहाल स्थिति में सुधार को लेकर है। कैबिनेट मंत्री के आश्वासन के बाद अब उद्यमियों की निगाहें संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं।