20 सूत्रीय कार्यक्रम में चम्पावत का प्रदेश में दबदबा, लगातार 15 माह से प्रथम स्थान पर बरकरार

20 सूत्रीय कार्यक्रम में चम्पावत का प्रदेश में दबदबा, लगातार 15 माह से प्रथम स्थान पर बरकरार

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड सरकार की 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्ति कीर्ति तिवारी ने बताया कि चम्पावत जनपद 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत 99.75 प्रतिशत प्रगति हासिल कर पिछले 15 महीनों से लगातार उत्तराखंड में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। जनपद ने विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के सभी 13 जिलों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

समीक्षा बैठक के दौरान जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, रोजगार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्रस्तुत की।

दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने चम्पावत जनपद के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिकारियों की कार्यशैली और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद का लगातार 15 माह तक प्रदेश में प्रथम स्थान बनाए रखना अधिकारियों की मेहनत और बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों से भविष्य में भी इसी तरह जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में सड़कों की खराब स्थिति और निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। रामपाल सिंह ने ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।

रामपाल सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी योजना की सफलता केवल आंकड़ों और रिपोर्टों से नहीं, बल्कि धरातल पर उसके वास्तविक प्रभाव से आंकी जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों में बैठकर योजनाओं की समीक्षा करने तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि धरातल पर जाकर योजनाओं की प्रगति का आकलन करने से समस्याओं और कमियों की सही जानकारी मिल सकेगी, जिससे समय रहते उनका समाधान किया जा सकेगा।

उपाध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में सभी विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने चेताया कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

बैठक के अंत में रामपाल सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर सामने आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचेगा।