दीपावली पर धामी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 6908 रुपये तक तदर्थ बोनस देने की मंजूरी

दीपावली पर धामी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 6908 रुपये तक तदर्थ बोनस देने की मंजूरी

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस यानी तदर्थ बोनस के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले का लाभ विभिन्न राजकीय विभागों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और अन्य पात्र कर्मचारियों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के हितों और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत, लगन और समर्पण से ही सरकार की योजनाएं आम जनता तक पहुंचती हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि कर्मचारियों को समय-समय पर प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के कर्मचारियों के साथ समूह ‘ख’ के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस दिया जाएगा, जिनका ग्रेड वेतन 4800 रुपये तक है। पुनरीक्षित वेतनमान के अनुसार यह लेवल-8 के अंतर्गत 47,600 रुपये से 1,51,100 रुपये तक के वेतनमान से संबंधित है। हालांकि इसका लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जो पहले से किसी अन्य उत्पादकता आधारित बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं।

सरकार की ओर से स्वीकृत व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा सात हजार रुपये निर्धारित की गई है। इस आधार पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम लगभग 6908 रुपये का बोनस मिलेगा। दीपावली के अवसर पर मिलने वाली यह अतिरिक्त धनराशि कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सहयोग के रूप में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

सरकार ने इस फैसले में कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया है। शासनादेश के अनुसार छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष या उससे अधिक अवधि के दौरान प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बोनस के पात्र होंगे। वहीं पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी इसका लाभ दिया जाएगा।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए तदर्थ बोनस की गणना 1200 रुपये की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर की जाएगी। इसके अनुसार पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अधिकतम लगभग 1184 रुपये का बोनस मिल सकेगा। सरकार के इस निर्णय से नियमित कर्मचारियों के साथ निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले अस्थायी और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी त्योहार के अवसर पर आर्थिक राहत मिलेगी।

शासनादेश में बोनस प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों की पात्रता संबंधी शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। इसके अनुसार वही कर्मचारी बोनस के पात्र होंगे, जो 31 मार्च 2026 को सेवा में कार्यरत थे और जिन्होंने उस तिथि तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की हो। जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि छह माह से एक वर्ष के बीच रही है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त सरकार ने स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस की व्यवस्था में शामिल किया है। हालांकि इसके लिए संबंधित निकाय या विकास प्राधिकरण का लाभ की स्थिति में होना आवश्यक होगा। ऐसे संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार बोनस का भुगतान संबंधित संस्थाओं द्वारा अपने संसाधनों से किया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि बोनस भुगतान के लिए विभागों और संस्थानों को शासनादेश में निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दीपावली खुशियों, समृद्धि और आपसी सद्भाव का पर्व है। इस अवसर पर कर्मचारियों को बोनस देने का निर्णय उनके परिवारों की त्योहार की खुशियां बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों और कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी। सरकार का उद्देश्य ऐसा कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ उत्तराखंड के विकास में अपना योगदान दे सकें।