
स्थान : बागेश्वर
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले की बैजनाथ वन रेंज के अंतर्गत थकलाड गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गुलदार मकान के गोठ में घुस गया। गुलदार ने वहां मौजूद कुत्ते को मारकर अपना शिकार बना लिया और इसके बाद वहीं डेरा जमा लिया। घर के भीतर गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

जानकारी के अनुसार, एक ग्रामीण अपने कुत्ते को शौच के लिए बाहर ले गया था। इसके बाद वह कुत्ते को वापस कमरे में बंद कर अपने काम में लग गया। उस समय उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि कमरे के भीतर पहले से ही गुलदार मौजूद है।




कुछ देर बाद कमरे से कुत्ते के भौंकने और गुलदार के गुर्राने की आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाजें सुनकर ग्रामीण घबरा गया। जब उसे कमरे के अंदर गुलदार होने का अंदेशा हुआ तो उसने तत्काल गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी।


मकान के भीतर गुलदार की मौजूदगी की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। गुलदार के लंबे समय तक कमरे में रहने से लोग दहशत में रहे और उसके बाहर निकलने की आशंका को लेकर चिंतित रहे।


गनीमत रही कि कमरे का दरवाजा बंद होने के कारण गुलदार घर के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंच सका। इससे परिवार के सदस्य सुरक्षित रहे और कोई जनहानि नहीं हुई।

घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थिति का जायजा लेते हुए गुलदार को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।



काफी मशक्कत और घंटों तक चले अभियान के बाद वन विभाग की टीम ने गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया। गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

घटना ने एक बार फिर गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही और मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। ग्रामीणों के लिए ऐसी घटनाएं चिंता का कारण बनी हुई हैं।

