
स्थान : गौचर (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट

चमोली जिले के गौचर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 8वीं वाहिनी ने अपना 65वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने अनुशासन, एकजुटता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया। वाहिनी के कमांडेंट मनोहर सिंह रावत ने परेड की सलामी ली।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान जवानों ने निर्धारित अनुशासन और सटीक तालमेल के साथ परेड की। कार्यक्रम ने बल की कार्यशैली, समर्पण और देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।




इस अवसर पर कमांडेंट मनोहर सिंह रावत ने कहा कि ITBP के जवान चीन सीमा पर पूरी मुस्तैदी के साथ देश की सुरक्षा में तैनात हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच भी जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि बल की भूमिका केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सहायता और विकास कार्यों में योगदान देना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।



कमांडेंट के अनुसार, केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत ITBP सीमांत गांवों में विकास गतिविधियों को गति देने में भी सहयोग कर रही है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सहायता पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर विकास प्रयासों को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।

आपदा और अन्य विषम परिस्थितियों में भी ITBP के जवान तत्परता से सेवाएं देते हैं। जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान देकर बल स्थानीय लोगों की मदद करता है।



स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित परेड ने जवानों के अनुशासन और सेवा भावना को रेखांकित किया। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर सीमांत क्षेत्रों में जनसहयोग तक, ITBP के जवान विभिन्न मोर्चों पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

गौचर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बल के जवानों के समर्पण, साहस और राष्ट्रसेवा के संकल्प को सामने रखा गया। स्थापना दिवस ने जवानों को अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर भी दिया।

