टेबल टेनिस के मैदान में गोपेश्वर पुलिस ने बच्चों को सिखाए जीवन के सबक, नशे और साइबर ठगी से बचने का दिया संदेश

टेबल टेनिस के मैदान में गोपेश्वर पुलिस ने बच्चों को सिखाए जीवन के सबक, नशे और साइबर ठगी से बचने का दिया संदेश

स्थान : गोपेश्वर
रिपोर्टर : विनोद पांडे

जनपद में संचालित जागरूकता अभियान के तहत गोपेश्वर पुलिस ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित ब्लॉक स्तरीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। थानाध्यक्ष गोपेश्वर नवनीत भंडारी ने बच्चों से उनके पसंदीदा खेल के उदाहरणों के माध्यम से संवाद कर उन्हें अनुशासन, आत्मसंयम और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार का महत्व समझाया।

थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने कहा कि टेबल टेनिस केवल एक खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, तेज प्रतिक्रिया और सही समय पर निर्णय लेने की कला भी है। जिस तरह खिलाड़ी को प्रत्येक शॉट के दौरान सतर्क रहना पड़ता है, उसी तरह जीवन में भी सही फैसले लेने और आत्मअनुशासन बनाए रखने की जरूरत होती है।

नशे को बताया प्रगति में बाधा

बच्चों को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए थानाध्यक्ष ने टेबल टेनिस की तकनीकों का उदाहरण दिया। उन्होंने समझाया कि जिस तरह टॉपस्पिन गेंद को गति देकर आगे बढ़ाता है, उसी तरह मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच व्यक्ति को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इसके विपरीत नशा जीवन की प्रगति को पीछे खींचने वाले बैकस्पिन की तरह है।

उन्होंने कहा कि तंबाकू, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थ स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ एकाग्रता, खेल प्रदर्शन और भविष्य के लक्ष्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। यदि कोई मित्र या अन्य व्यक्ति नशा करने के लिए प्रेरित करे, तो दृढ़ता के साथ उसे मना करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को गलत आदतों से दूर रहने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।

साइबर दुनिया में भी सतर्कता जरूरी

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए थानाध्यक्ष ने कहा कि इंटरनेट ज्ञान और अवसरों का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन लापरवाही साइबर ठगी और ऑनलाइन उत्पीड़न का कारण बन सकती है। उन्होंने बच्चों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा मुफ्त गेमिंग कॉइन, लॉटरी और आकर्षक ऑफर के नाम पर मिलने वाले प्रलोभनों से बचने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ पासवर्ड, निजी जानकारी, घर का पता या व्यक्तिगत तस्वीरें साझा नहीं करनी चाहिए। जिस तरह टेबल टेनिस में खिलाड़ी सामने वाले की रणनीति को समझकर अपना बचाव करता है, उसी तरह इंटरनेट का उपयोग करते समय भी सतर्कता जरूरी है।

ऑनलाइन उत्पीड़न होने पर परिजनों को बताएं

थानाध्यक्ष ने बच्चों को समझाया कि यदि सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेमिंग के दौरान कोई व्यक्ति परेशान करे, धमकाए या ब्लैकमेल करने का प्रयास करे, तो डरने अथवा बात छिपाने के बजाय तुरंत माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें। समय रहते सही कदम उठाने से संभावित नुकसान से बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि खेल में गलती होने पर खिलाड़ी अगली सर्विस के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करता है। इसी तरह जीवन में भी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही नशे और साइबर अपराध जैसे खतरों के प्रति शुरुआत से ही सजग रहना आवश्यक है।

खेल पदाधिकारी और कोच रहे मौजूद

गोपेश्वर पुलिस की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को खेल के माध्यम से जीवनोपयोगी संदेश देना और उन्हें नशामुक्त, अनुशासित तथा साइबर जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। पुलिस ने बच्चों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा मित्रों को भी नशे से दूर रहने और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।

इस दौरान जिला टेबल टेनिस फेडरेशन के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह नेगी, सचिव आनंद सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष संतोष सती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश सती, अजय लिंगवाल, कोषाध्यक्ष लता झिंक्वाण, अंकुर डिमरी तथा कोच दिव्या कैलखुरा, हेमा नयाल और जयदीप झिंक्वाण मौजूद रहे।