खटीमा मंडी में धान खरीद ठप, सैकड़ों किसानों ने ट्रालियों के साथ किया धरना-प्रदर्शन

खटीमा मंडी में धान खरीद ठप, सैकड़ों किसानों ने ट्रालियों के साथ किया धरना-प्रदर्शन

स्थान : खटीमा/उधम सिंह नगर
रिपोर्ट – अशोक सरकार

खटीमा मंडी में धान की खरीद ठप होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों किसान धान से भरी ट्रालियों के साथ मंडी गेट पर धरने पर बैठ गए और तालाबंदी कर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि वे सुबह से मंडी में अपनी उपज लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन न तो धान की तौल हो रही है और न ही खरीद की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, करीब 250 किसान सुबह तीन से चार बजे के बीच धान से भरी ट्रालियां लेकर खटीमा मंडी पहुंचे थे। घंटों इंतजार के बाद भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद किसानों ने मंडी गेट पर धरना शुरू कर दिया और मांग की कि उनकी उपज की तौल तत्काल शुरू कराई जाए।

मंडी में खड़ी हैं 80 से 85 ट्रालियां

किसान गजेंद्र सिंह राना ने बताया कि मंडी परिसर के अंदर ही करीब 80 से 85 धान से भरी ट्रालियां खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें पहले धान लेकर मंडी बुलाया गया, लेकिन अब अचानक उपज दूसरी जगह ले जाने के लिए कहा जा रहा है। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक धान की तौल शुरू नहीं होती, तब तक मंडी गेट पर तालाबंदी और धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि फसल लेकर मंडी पहुंचने के बाद इस तरह इंतजार करना उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है।

नमी और सीएमआर बकाया को बताया खरीद प्रभावित होने का कारण

किसानों के विरोध के बाद वरिष्ठ विपणन अधिकारी केसी आर्य ने धान खरीद प्रभावित होने के पीछे दो प्रमुख वजहें बताईं। उनके मुताबिक, 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं की जा सकती। इसके अलावा, केंद्र सरकार के नए आदेश के अनुसार जिन राइस मिलों का पिछले सीजन का सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) बकाया है, उन्हें नए सीजन के बिल आवंटित नहीं किए जाएंगे।

अधिकारी के अनुसार, इन कारणों से धान खरीद की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हालांकि, किसानों की मांग है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए और मंडी में खरीद व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू कराई जाए।

एक घंटे में समाधान का आश्वासन

वरिष्ठ विपणन अधिकारी केसी आर्य ने दावा किया कि इस मामले में उच्च अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि एक घंटे के भीतर समस्या का समाधान निकालकर धान खरीद दोबारा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

फिलहाल, मंडी में किसानों का विरोध और धान खरीद का मुद्दा चर्चा में है। अब देखना होगा कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद खरीद प्रक्रिया कब तक शुरू हो पाती है और किसानों को राहत मिलती है या नहीं।