
स्थान : विकासनगर/देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

देहरादून के विकासनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवाबगढ़ में ग्राम पंचायत की भूमि पर कथित रूप से निजी प्लॉटिंग के लिए रास्ता चौड़ा किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा अपनी प्लॉटिंग तक पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से रास्ते का चौड़ीकरण कराया जा रहा था। हालांकि, संबंधित भूमि के स्वामित्व और चल रहे कार्य की वैधता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मामले की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान शाहिना बेगम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। उनके इस कदम के बाद ग्राम पंचायत की भूमि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।



ग्राम प्रधान ने मौके पर पहुंचकर रुकवाया काम


ग्राम प्रधान शाहिना बेगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और मौके पर चल रहे कार्य को रुकवा दिया। उनकी इस कार्रवाई को ग्राम पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब मामले में संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई का इंतजार है।


भूमि की पैमाइश और अनुमति पर उठे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि संबंधित जमीन ग्राम पंचायत की है, तो रास्ता चौड़ा करने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। क्या राजस्व विभाग की ओर से भूमि की पैमाइश कराई गई थी और क्या संबंधित पक्ष के पास कार्य करने की वैधानिक स्वीकृति थी? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।




अब तहसील प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

ग्राम प्रधान के हस्तक्षेप के बाद अब राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है। जरूरत है कि संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर राजस्व अभिलेखों और नक्शों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि जांच में ग्राम पंचायत की भूमि का अनधिकृत इस्तेमाल सामने आता है, तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल, मामले में आधिकारिक जांच और भूमि के स्वामित्व की पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि रास्ते का चौड़ीकरण नियमों के तहत किया जा रहा था या ग्राम पंचायत की भूमि का अनधिकृत इस्तेमाल किया जा रहा था।

