
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

केंद्रीय जल शक्ति एवं रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने हरिद्वार जिले में संचालित विकास योजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन तक लगातार पहुंचता रहे।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बहादराबाद स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कचरे के पृथक्करण, उसके निस्तारण और अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यूनिट की कार्यप्रणाली और कचरे के उचित प्रबंधन को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।




इसके बाद मंत्री ने सुल्तानपुर माजरी पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की स्थिति और पानी की गुणवत्ता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों और ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।


वी. सोमन्ना ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया। उन्होंने यह जानकारी ली कि पेयजल योजनाओं का लाभ लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है और उन्हें पानी की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। ग्रामीणों से मिले फीडबैक के आधार पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।



केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के तहत अधूरी पड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं का निर्माण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित संचालन और उचित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे ग्रामीणों को लंबे समय तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।

उन्होंने पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए कर्मचारियों और ग्राम स्तरीय समितियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि योजनाओं की निगरानी और रखरखाव में स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।



निरीक्षण के बाद हरिद्वार स्थित डाम कोठी में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं और योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।

केंद्रीय मंत्री के निरीक्षण और समीक्षा बैठक के बाद अब संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर नजर रहेगी। जल जीवन मिशन की योजनाओं को शत-प्रतिशत पूरा करने, पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखने और प्लास्टिक कचरे के प्रभावी निस्तारण को लेकर दिए गए निर्देशों का धरातल पर कितना असर पड़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

