
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

पहाड़ों की रानी मसूरी में बुधवार देर शाम मसूरी टैक्सी-कार ओनर्स एसोसिएशन के कार्यालय पर कथित हमले के बाद माहौल गरमा गया। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने करीब 20 से 25 लोगों पर कार्यालय में घुसकर हमला करने, महत्वपूर्ण रजिस्टर फाड़ने, सीसीटीवी कैमरे तोड़ने और नकदी चोरी करने के आरोप लगाए हैं। घटना से आक्रोशित टैक्सी कारोबारियों ने मैसोनिक लॉज क्षेत्र में जाम लगाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस देर रात तक प्रदर्शनकारियों को समझाने और यातायात सामान्य कराने का प्रयास करती रही।

एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र पंवार और महासचिव राकेश कोठाल के अनुसार, विवाद की शुरुआत बुधवार सुबह हुई थी। उनका आरोप है कि एसोसिएशन का एक सदस्य कथित तौर पर अनधिकृत रूप से होटलों से सवारियां उठा रहा था। इसको लेकर सुबह विरोध किया गया था। पदाधिकारियों का दावा है कि इसी विवाद के बाद संबंधित व्यक्ति अपने करीब 20 से 25 साथियों के साथ शाम को एसोसिएशन कार्यालय पहुंचा और वहां हमला कर दिया।



पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि हमलावरों के हाथों में धारदार हथियार और लाठी-डंडे थे। इस दौरान कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण रजिस्टर फाड़ दिए गए और सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कार्यालय से नकदी गायब होने का आरोप भी लगाया गया है। घटना के बाद टैक्सी कारोबारियों में नाराजगी फैल गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।


एसोसिएशन पदाधिकारियों ने मसूरी में कथित डग्गामार टैक्सी-कारों और स्कूटी के संचालन को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इस संबंध में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पदाधिकारियों के मुताबिक, अनधिकृत रूप से सवारियां उठाए जाने से नियमों के तहत कारोबार करने वाले टैक्सी संचालकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो रहा है।


घटना के विरोध में टैक्सी कारोबारियों ने मैसोनिक लॉज क्षेत्र में सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कार्यालय पर हमले के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए। इसके साथ ही मसूरी में कथित डग्गामार वाहनों और अनधिकृत रूप से सवारियां उठाने वाले टैक्सी-स्कूटी संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

जाम के कारण मैसोनिक लॉज क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। देहरादून से मसूरी आने वाले वाहन चालकों के साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से पुलिस के सामने यातायात बहाल करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास करते रहे।




मसूरी टैक्सी-कार ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि कार्यालय पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी और अनधिकृत वाहन संचालन के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता गौरव गुप्ता और एसोसिएशन के महासचिव राकेश कोठाल का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। मामले में दोनों की बाइट के जरिए घटना, विवाद की पृष्ठभूमि और कारोबारियों की मांगों को सामने रखा जा सकता है।

फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। कार्यालय में तोड़फोड़, रजिस्टर फाड़ने, सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त करने और नकदी चोरी होने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की ओर से जांच और कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
