अल्मोड़ा के चितई गोलू देवता मंदिर से कांग्रेस की न्याय यात्रा शुरू, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

अल्मोड़ा के चितई गोलू देवता मंदिर से कांग्रेस की न्याय यात्रा शुरू, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कांग्रेस ने कुमाऊं के आराध्य देवता चितई गोलू देवता मंदिर, अल्मोड़ा से न्याय यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न मुद्दों को उठाया।

न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भ्रष्टाचार, महंगाई, महिला अपराध और प्रदेश के जल, जंगल व जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने कहा कि यात्रा के माध्यम से जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।

यशपाल आर्य ने सरकार पर लगाए आरोप

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, महंगाई और महिला अपराध जैसे मुद्दों को लेकर जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में भी सरकार की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। यशपाल आर्य ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा को जवाब देगी।

भुवन कापड़ी ने भी सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता भुवन कापड़ी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए राम मंदिर के चंदे और बदरीनाथ धाम में सोने से जुड़े मामलों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों को लेकर भी जनता के बीच चिंता है। कापड़ी ने कहा कि आम लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं और कांग्रेस न्याय यात्रा के माध्यम से उनकी आवाज उठाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इसे लेकर लोग विरोध जता रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

2027 के चुनाव पर कांग्रेस की नजर

न्याय यात्रा के जरिए कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी सक्रियता का संदेश दिया। यात्रा के दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर स्थानीय समस्याओं और सरकार से जुड़े मुद्दों को उठाने का आह्वान किया।

हालांकि, कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन मामलों में संबंधित पक्षों का जवाब और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही स्थिति का आकलन किया जा सकता है।