
स्थान : लोहाघाट( चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं को करीब से जानने और उनके समाधान की दिशा में पहल करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से सटे अंतिम क्षेत्र नगरू घाट पहुंचे। यहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नगरू घाट को पंचेश्वर की तर्ज पर एंग्लिंग हब के रूप में विकसित करने के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही।

नगरू घाट पहुंचने पर जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम नागार्जुन बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर क्षेत्र की समस्याओं और विकास की संभावनाओं की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, सिंचाई, पेयजल, शिक्षा, खेल मैदान, पुल और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगें उनके सामने रखीं।



पासम ग्राम प्रतिनिधि चंद्रकांत तिवारी ने नगरू घाट की क्षतिग्रस्त सिंचाई गूल की मरम्मत, क्षेत्र तक सड़क पहुंचाने और नागार्जुन बाबा मंदिर के सौंदर्यीकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि गूल की मरम्मत होने से क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को फिर से बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा उन्होंने असलाड़ सड़क की मरम्मत और गौ सदन खोलने की मांग भी जिलाधिकारी के सामने रखी।


ग्रामीणों ने आपदा में बह गए डूंगरा-लेटी को जोड़ने वाले पुल के पुनर्निर्माण और नगरू घाट के पैदल मार्ग की मरम्मत की मांग भी उठाई। वहीं, बगोटी के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रेम सिंह ने सड़क सुधारीकरण और पुलिया निर्माण का मुद्दा उठाया। जनप्रतिनिधि रमेश चंद ने नागार्जुन मंदिर के सौंदर्यीकरण और सोलर लाइट लगाने की मांग की। जिलाधिकारी ने मंदिर के सौंदर्यीकरण और सोलर लाइट लगाने के संबंध में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।


शिक्षा और खेल सुविधाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने अपनी मांगें रखीं। सुल्ला के प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज रोसाल में विज्ञान प्रयोगशाला और पुस्तकालय खोलने की मांग की। वहीं, पासम के युवाओं ने खेल मैदान निर्माण का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने युवाओं को जल्द खेल मैदान निर्माण कराने का आश्वासन दिया और उन्हें क्रिकेट किट भी भेंट की। इसके साथ ही नगरू घाट प्राथमिक विद्यालय के भवन की मरम्मत के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र के बुजुर्गों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। ग्रामीणों ने उन्हें पेयजल संकट से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने महाकाली नदी के किनारे बसे नगरू घाट की प्राकृतिक सुंदरता का भी जायजा लिया और क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए इसे विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नगरू घाट को पंचेश्वर की तर्ज पर एंग्लिंग हब बनाया जाएगा, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकेंगे।



जिलाधिकारी मनीष कुमार ने पासम-बलूटा-नगरू घाट सड़क की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिशासी अभियंता को जल्द सड़क सुधारीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरू घाट कृषि बाहुल्य क्षेत्र है और सिंचाई गूल का निर्माण कराकर यहां कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि टीजे सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।

इस दौरान जिलाधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा का निरीक्षण किया और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों से सीमा से जुड़ी जानकारी ली। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के दौरे का स्वागत करते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना था कि सीमांत क्षेत्र में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना उनके लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के इस दौरे से नगरू घाट में सड़क, सिंचाई, पेयजल, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

