
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भाजपा नेता रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की सियासत में बयानबाजी शुरू हो गई है। मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल चकराता विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने पर भाजपा प्रवक्ता शादाब शम्स ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पार्टी छोड़ने से भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

शादाब शम्स ने कहा कि रामशरण नौटियाल पहले भी कांग्रेस में थे और अपनी इच्छा से भाजपा में शामिल हुए थे। अब वह अपनी मर्जी से कांग्रेस में लौट गए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में नेताओं का आना-जाना लगा रहता है और किसी नेता के पार्टी छोड़ने से संगठन की स्थिति पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।



चकराता सीट को लेकर समझौते की जताई संभावना

भाजपा प्रवक्ता ने रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने के पीछे संभावित राजनीतिक कारणों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संभव है कि कांग्रेस की ओर से उन्हें कोई राजनीतिक आश्वासन दिया गया हो या चकराता विधानसभा सीट को लेकर कोई समझौता हुआ हो। शम्स ने संभावना जताई कि कांग्रेस में उनकी भूमिका और आगामी चुनाव में उनकी संभावित दावेदारी को लेकर बातचीत हुई हो सकती है।


उन्होंने प्रीतम सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि यह भी संभव है कि चकराता सीट पर उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर देने को लेकर कोई सहमति बनी हो। हालांकि, शादाब शम्स की ये टिप्पणियां संभावनाओं पर आधारित हैं। कांग्रेस की ओर से ऐसे किसी समझौते या आश्वासन की पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक फायदे-नुकसान को देखकर फैसले लेते हैं नेता: शम्स



शादाब शम्स ने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में कई बार नेता अपने फायदे और नुकसान को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं। उन्होंने रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में लौटने को इसी राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि चकराता विधानसभा सीट पर उनकी पार्टी की जीत तय है और नौटियाल के कांग्रेस में जाने से भाजपा की चुनावी तैयारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा के नेताओं को अपने पाले में लाने और राजनीतिक तोड़फोड़ करने का आरोप भी लगाया। शम्स ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा भी इसी तरह की राजनीति पर उतर आई तो कांग्रेस के लिए उसका जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
2027 से पहले दल-बदल पर बढ़ी चर्चा
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने से चकराता विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके नौटियाल की वापसी से कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर क्या लाभ मिलेगा और पार्टी में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल, नौटियाल के दल बदलने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा इसे व्यक्तिगत राजनीतिक फैसला बता रही है, जबकि चकराता सीट को लेकर संभावित समीकरणों पर भी चर्चाएं हो रही हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस घटनाक्रम का स्थानीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

