
स्थान : रामनगर उत्तराखंड
संवाददाता : सलीम अहमद अहमद

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर सड़कों पर गूंज उठी। रामनगर के मालधन चौड़ में सैकड़ों लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर अंकिता के लिए इंसाफ की आवाज बुलंद की। हाथों में जलती मशालें लेकर निकले प्रदर्शनकारियों ने मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच कराने और न्याय की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की। ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी और ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में निकाले गए इस जुलूस में दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाने की मांग भी उठाई गई।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े शेष सवालों के जवाब सामने लाने की मांग लगातार उठाई जाती रही है। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए और आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होनी चाहिए।



2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या

वर्ष 2022 में पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। इस मामले में अदालत दोषियों को सजा सुना चुकी है, लेकिन कथित वीआईपी की भूमिका और उससे जुड़े सवालों को लेकर जांच की मांग समय-समय पर उठती रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसी संदर्भ में सीबीआई जांच में तेजी लाने और मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब सामने लाने की मांग की।



दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद इस मामले को लेकर विरोध और तेज होने की बात प्रदर्शनकारियों ने कही। जुलूस में उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्हें राज्यपाल पद से हटाने की मांग की गई। हालांकि, कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों और किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में निष्कर्ष जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

संजय नेगी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी



ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष जवाब नहीं मिलता, तब तक न्याय की मांग कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाया जाए और सीबीआई जांच में तेजी लाई जाए। संजय नेगी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो रामनगर में बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

संजय नेगी ने भाजपा पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज उठाने वालों पर पुलिस के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे से भी जुड़ी है।
महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर उठाए सवाल

मालधन चौड़ में निकाला गया मशाल जुलूस अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोगों की नाराजगी का प्रतीक बनकर सामने आया। प्रदर्शन में महिलाओं की सुरक्षा, बेटियों की गरिमा और न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। लोगों ने कहा कि अंकिता के माता-पिता लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं और उनकी पीड़ा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग आगे भी जारी रहेगी। मशाल जुलूस के माध्यम से उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से इस प्रकरण में उठ रही मांगों पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।
मालधन चौड़ में उठी यह आवाज एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों को चर्चा के केंद्र में ले आई है। अब देखना होगा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल, अंकिता को न्याय दिलाने की मांग के साथ लोगों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि महिला सुरक्षा और न्याय के सवालों को लगातार उठाया जाता रहेगा।

