
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना
स्थान : हल्द्वानी

उत्तराखंड की स्थायी राजधानी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर पहाड़ी आर्मी ने हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने सरकार से गैरसैंण को स्थायी राजधानी और देहरादून को अस्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को भूख हड़ताल और उग्र आंदोलन में तब्दील किया जाएगा।

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से ही स्थायी राजधानी का मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से समय-समय पर देहरादून के बजाय गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई जाती रही है। गैरसैंण को राजधानी बनाने के समर्थन में प्रदर्शन भी हुए, लेकिन अब तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। इसी मुद्दे को लेकर पहाड़ी आर्मी ने एक बार फिर आंदोलन शुरू किया है।



धरने पर बैठे पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर उनका आंदोलन अनिश्चितकालीन रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। आंदोलनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को देखते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाना जरूरी है।


विनोद रतूड़ी ने कहा कि उनकी सरकार से केवल एक प्रमुख मांग है कि गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित किया जाए और देहरादून को अस्थायी राजधानी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार को भी अवगत कराया जाना चाहिए, ताकि राजधानी को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जा सके। आंदोलनकारियों का मानना है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान दिया जा सकेगा।



उन्होंने कहा कि राजधानी पहाड़ में होने से मंत्रियों और अधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्रों में रहकर काम करने तथा वहां की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को करीब से समझने में मदद मिलेगी। आंदोलनकारियों के अनुसार, राजधानी का पहाड़ में होना राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

पूर्व आईएएस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल शुरू की जाएगी और इसके बाद आंदोलन को उग्र रूप दिया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।



पहाड़ी आर्मी के इस धरने के साथ गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि राज्य गठन के इतने वर्षों बाद भी स्थायी राजधानी का सवाल बना रहना चिंता का विषय है और इस पर अब स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए।

फिलहाल बुद्ध पार्क में पहाड़ी आर्मी का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि यदि सरकार की ओर से उनकी मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का मुद्दा आने वाले दिनों में क्या दिशा लेता है।

