चमोली में सड़क सुरक्षा को लेकर टैक्सी चालकों को किया जागरूक, यातायात निरीक्षक दिगंबर उनियाल ने दिए जरूरी निर्देश

चमोली में सड़क सुरक्षा को लेकर टैक्सी चालकों को किया जागरूक, यातायात निरीक्षक दिगंबर उनियाल ने दिए जरूरी निर्देश

स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे

जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में यातायात निरीक्षक दिगंबर उनियाल ने चमोली टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों और वाहन चालकों को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया।

कार्यक्रम के दौरान यातायात निरीक्षक ने वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रत्येक चालक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सुरक्षित वाहन संचालन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इस दौरान चालकों को ओवरस्पीडिंग, शराब अथवा नशे की हालत में वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने, गलत दिशा में वाहन चलाने और निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन न करने और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

यातायात निरीक्षक ने वाहन चालकों को अपने वाहनों के आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और वाहन बीमा की वैधता सुनिश्चित करने के साथ ही वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव पर विशेष जोर दिया, ताकि यात्रा के दौरान तकनीकी खराबी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

पहाड़ी जनपद चमोली की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। चालकों से अपील की गई कि वे पहाड़ी मोड़ों पर नियंत्रित गति रखें, ओवरटेकिंग के दौरान सतर्कता बरतें, अन्य वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और मौसम तथा सड़क की स्थिति के अनुरूप ही वाहन चलाएं।

इसके अलावा वाहन चालकों को यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करने और निर्धारित क्षमता के अनुसार ही सवारियां बैठाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि थकान या अत्यधिक नींद की स्थिति में वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए पर्याप्त आराम के बाद ही वाहन चलाएं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। चालकों को प्रेरित किया गया कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस तथा एम्बुलेंस को सूचना दें। इसके साथ ही राह-वीर (गुड सेमेरिटन) योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने संबंधी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

यातायात पुलिस ने दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस उपचार से संबंधित सरकारी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया। इस अभियान का उद्देश्य वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस ने सभी वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।