मसूरी में तृतीय रामनाथ पवार स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन, टीटी देहरादून और देहरादून की बालिका टीम ने जीता खिताब

मसूरी में तृतीय रामनाथ पवार स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन, टीटी देहरादून और देहरादून की बालिका टीम ने जीता खिताब

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

मसूरी के सर्वे मैदान में आयोजित छह दिवसीय तृतीय रामनाथ पवार स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन हो गया। प्रतियोगिता में दिल्ली, हरियाणा, देहरादून और मसूरी की विभिन्न टीमों ने प्रतिभाग कर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने मैदान पर शानदार खेल दिखाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता और उपविजेता टीमों को मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

प्रतियोगिता के बालक वर्ग में टीटी देहरादून और क्यारकुली बॉयज के बीच खिताबी मुकाबला खेला गया। दोनों टीमों के बीच रोमांचक संघर्ष देखने को मिला। मुकाबले में टीटी देहरादून की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्यारकुली बॉयज को 1-0 से पराजित किया और प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

वहीं, अंडर-16 बालिका वर्ग का फाइनल मुकाबला केंद्रीय विद्यालय आईएमए और एफए टीसीएम मसूरी के बीच खेला गया। इस मुकाबले में देहरादून की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए मसूरी की टीम को 2-0 से हराकर खिताब पर कब्जा किया। बालिका खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। प्रतियोगिता में बालिकाओं की भागीदारी और उनके खेल कौशल को लेकर भी उत्साह देखने को मिला।

आयोजकों के अनुसार, बालिका वर्ग में दिल्ली, हरियाणा, देहरादून और मसूरी की कुल 10 टीमों ने प्रतिभाग किया, जबकि बालक वर्ग में 14 टीमों ने हिस्सा लिया। छह दिनों तक चले इस आयोजन में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराना रहा।

प्रतियोगिता के आयोजक प्रिंस ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी तृतीय रामनाथ पवार स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि बालक और बालिका दोनों वर्गों में टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने मसूरी में खेल मैदानों की कमी को बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि इस दिशा में जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

आयोजक प्रिंस ने महिला खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मसूरी में महिला खिलाड़ियों के लिए मैदान में शौचालय की व्यवस्था तक नहीं है, इसके बावजूद बालिकाओं का खेल के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे अपनी प्रतिभा को और निखार सकेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपेंद्र थापली ने कहा कि फुटबॉल ऐसा खेल है, जो युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी प्रतिभा को पहचानने का अवसर मिलता है। उन्होंने खेल आयोजनों को युवाओं के लिए एक बेहतर मंच बताया।

उपेंद्र थापली ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मसूरी में खेल मैदान बनाने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन उनके अनुसार पिछले 15 वर्षों में इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यदि 2027 में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो मसूरी सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में खेल मैदानों का निर्माण पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल होगा। वहीं, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने बालिका खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें देखकर उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की उम्मीद जगती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की प्रतियोगिताएं आगे भी आयोजित होती रहेंगी और स्थानीय बालक-बालिकाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर मंच मिलता रहेगा।