बाजपुर में राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस के खिलाफ भाजपा अनुसूचित मोर्चा ने जताया विरोध

बाजपुर में राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस के खिलाफ भाजपा अनुसूचित मोर्चा ने जताया विरोध

रिपोर्टर : विशेष शर्मा
स्थान : बाजपुर

भगत सिंह चौक पर भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष यशपाल राजहंस के नेतृत्व में कांग्रेस की नीतियों के विरोध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर दलित समाज से जुड़े मुद्दों पर विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दलित समाज के सम्मान, अधिकारों और सामाजिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष यशपाल राजहंस ने बताया कि दुष्यंत गौतम, राजेंद्र अर्लेकर एवं बृजमोहन राम की राज्यपाल पदों पर नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस द्वारा जताए गए विरोध के संदर्भ में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

यशपाल राजहंस ने आरोप लगाया कि इन नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस का रुख दलित समाज के प्रति उसकी सोच पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए तथा संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक दृष्टिकोण से ऊपर उठकर विचार किया जाना चाहिए।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि दलित समाज ने देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा अनुसूचित मोर्चा ने दलित समाज की सामाजिक भागीदारी और उनके अधिकारों के संरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के रुख के प्रति अपना विरोध दर्ज कराते हुए इसे दलित समाज के हितों से जुड़ा विषय बताया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी दलित समाज के सम्मान, समान अवसर और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए, ताकि समाज में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

भगत सिंह चौक पर हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा अनुसूचित मोर्चा ने कांग्रेस के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने दलित समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए अपनी राजनीतिक असहमति दर्ज कराई।