
स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार शाम हल्द्वानी के नैनीताल रोड स्थित तिरंगा पार्क में कांग्रेसजनों ने कैंडल मार्च निकालकर आवाज बुलंद की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता के परिजनों को न्याय दिलाने के साथ ही प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेसजनों ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग के बीच इस नियुक्ति को लेकर जनता के मन में उठ रही आशंकाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से समाधान किए जाने की मांग की।



हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता ने अपनी बेटी को खोने का असहनीय दर्द सहा है। ऐसे में परिवार को न्याय मिलने की प्रतीक्षा उनकी पीड़ा को और बढ़ाती है।


सुमित हृदयेश ने कहा कि अंकिता के परिजनों का दर्द पूरे प्रदेश की संवेदनाओं से जुड़ा हुआ है। एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए उठने वाली आवाज तब तक बुलंद रहनी चाहिए, जब तक उसके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रत्येक बेटी को सुरक्षित वातावरण, सम्मान और न्याय पाने का अधिकार है तथा इसकी रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।


विधायक ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिजनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी समाधान किया जाना चाहिए। यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर न्याय, संवेदना और बेटियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अंकिता के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठाती रहेगी।

कांग्रेसजनों ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों और आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े सभी प्रश्नों का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।



कैंडल मार्च में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग पूरे उत्तराखंड की जनभावनाओं से जुड़ी है। उन्होंने पीड़ित परिवार के संघर्ष का सम्मान करने और उसकी आवाज को मजबूती से उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेसजनों ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
कैंडल मार्च में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हेमंत बगड़वाल एवं हरीश मेहता, प्रदेश सचिव गुरप्रीत प्रिंस, जिला महामंत्री मलय बिष्ट, सुहैल सिद्दीकी, मोहन बिष्ट, हेमंत साहू, डॉ. बालम सिंह बिष्ट, विमला सांगुड़ी, निर्मला जोशी, पिंकी पांडे, गोविंद बगड़वाल, कौशलेंद्र भट्ट, तस्कीन अहमद, ज्ञान सिंह थापा, पार्षद मो. गुफरान, पार्षद मो. राशिद, पार्षद सलीम सैफी, नोएल मेसी, राजू रावत, प्रदीप नेगी, संजू उप्रेती, एडवोकेट गौरव कर्नाटक, कोमल जायसवाल, अमित रावत, देवेंद्र नेगी, शुभम जोशी, सूरज कुमार, अंशु जोशी, जिज्ञासु भट्ट और प्रदीप कुमार सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेसजनों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, उनके परिजनों की आवाज को मजबूती से उठाने तथा उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और उन्हें सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

