
स्थान : खटीमा
ब्यूरो रिपोर्ट

भारत-नेपाल सीमा से सटे खटीमा के बाईपास क्षेत्र में संचालित एक स्टोन क्रेशर की चिमनी से निकलने वाले धुएं को लेकर जनजाति समाज के लोगों ने चिंता जताई है। इस मुद्दे पर ग्रामीणों ने बैठक कर समस्या के समाधान की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर की चिमनी की ऊंचाई कम होने के कारण धुआं आसपास के गांवों में फैल रहा है, जिससे जनजीवन और फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि स्टोन क्रेशर से निकलने वाला दूषित धुआं आसपास के क्षेत्र में फैल रहा है। उनका कहना है कि इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की।




इस मुद्दे को लेकर नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा और जनजाति परिषद के अध्यक्ष ने भी चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द कार्रवाई करने और ग्रामीणों को समस्या से राहत दिलाने की मांग की।


ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या का समय रहते समाधान किया जाना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्टोन क्रेशर की चिमनी और उससे निकलने वाले धुएं की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने की अपील की।


बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनजाति समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य, खेती और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे पर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

फिलहाल मामले में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से किसी कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों की मांग है कि शिकायत की जांच कर नियमानुसार कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या का समाधान हो सके।




