
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

जनगणना की तैयारियों को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा की अध्यक्षता में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें जनगणना कार्य से जुड़े फील्ड कर्मचारियों को प्रक्रिया और जरूरी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों ने जनगणना कार्य को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया। कर्मचारियों को बताया गया कि घर-घर जाकर नागरिकों से निर्धारित सवालों के जवाब लिए जाएंगे और उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर आंकड़े संकलित किए जाएंगे।



अधिकारियों के अनुसार, 15 नवंबर से स्व-आकलन की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 1 दिसंबर से पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि जनगणना के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा सके।


प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में जनगणना की प्रक्रिया संचालित करने के लिए करीब 35 हजार पर्यवेक्षकों की तैनाती की जानकारी दी गई है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कर्मचारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नागरिकों से संपर्क कर जनगणना संबंधी जानकारी एकत्र करेंगे।


अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के लिए घर पहुंचने वाले कर्मचारियों के पास सरकारी पहचान पत्र होगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे कर्मचारी की पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। अधिकारियों के मुताबिक, जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली जानकारी की गोपनीयता बनाए रखी जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने नागरिकों से जनगणना कार्य में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों के सही और सटीक जवाब देना जरूरी है, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता बनी रहे।




उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतों के आकलन में सहायक होते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
प्रशासन का लक्ष्य जनगणना की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार व्यवस्थित ढंग से पूरा करना है। इसके लिए प्रशिक्षण, कर्मचारियों की तैयारी और नागरिकों के सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

