
स्थान : रूड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट और प्रतिबंधित खाद्य सामग्री के निर्माण पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने लक्सर कोतवाली क्षेत्र के गढ़ी संघीपुर गांव में पनीर बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 9 कुंतल प्रतिबंधित पनीर, 90 किलोग्राम पामोलिन ऑयल और अन्य सामान बरामद किया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, फैक्ट्री में स्किम्ड मिल्क पाउडर और पामोलिन ऑयल का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किया जा रहा था। जांच के दौरान सामने आई परिस्थितियों के आधार पर विभाग ने तैयार पनीर को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं माना और उसे प्रतिबंधित पनीर के रूप में चिह्नित किया।




विभागीय टीम ने लोगों की सेहत को संभावित नुकसान से बचाने के उद्देश्य से मौके पर गड्ढा खुदवाकर करीब 9 कुंतल पनीर, 90 किलोग्राम पामोलिन ऑयल और अन्य सामग्री को नष्ट करा दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में मौजूद सामग्री की जांच भी की गई।


छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पनीर और पामोलिन ऑयल के नमूने भी एकत्र किए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों के अनुपालन के संबंध में स्थिति और स्पष्ट होगी।


खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई के दौरान गढ़ी संघीपुर निवासी ताजिम की फैक्ट्री का लाइसेंस निरस्त कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई को त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।

छापेमारी के दौरान मौके पर महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।




त्योहारों के दौरान मिठाइयों, दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिलावट और नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है।
फिलहाल पनीर और पामोलिन ऑयल के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

