
स्थान : द्वाराहाट/चौखुटिया
ब्यूरो रिपोर्ट

क्षेत्र की लंबे समय से लंबित विकास और जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर गेवाड़ विकास समिति चौखुटिया के नेतृत्व में विशाल गर्जना रैली निकाली गई। रैली में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई। आंदोलन के समर्थन में हाट, झला और भैल्ट गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

रैली के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। समिति के आह्वान पर रघुवर सिंह नैनवाल, भुवन कठैत, गजेंद्र सिंह नेगी और हरीश चौरसिया क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं को लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।



गेवाड़ विकास समिति ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी सात सूत्रीय मांगें शासन के सामने रखी हैं। समिति के अनुसार, इनमें मुख्यमंत्री की वर्ष 2025 की घोषणा से संबंधित मांगें भी शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाढ़ सुरक्षा और रेल संपर्क जैसी बुनियादी जरूरतों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।


समिति की प्रमुख मांगों में गोपाल बाबू गोस्वामी राजकीय महाविद्यालय चौखुटिया में इसी शैक्षणिक सत्र से स्नातक स्तर पर विज्ञान विषय और स्नातकोत्तर स्तर पर अंग्रेजी तथा अर्थशास्त्र विषय शुरू करना शामिल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन विषयों की पढ़ाई शुरू होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी।


इसके अलावा अगनेरी माता मंदिर मेला स्थल पर रामगंगा नदी के दोनों तटों पर जल्द बाढ़ सुरक्षा और सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग उठाई गई है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, नदी के किनारे सुरक्षा कार्य क्षेत्र के लोगों और धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

समिति ने उपजिला चिकित्सालय चौखुटिया की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को स्वीकृति देकर भवन निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग भी की है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करने की मांग उठाई गई है, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।



आंदोलन की सात सूत्रीय मांगों में वर्ष 2014 से स्वीकृत महिला पॉलीटेक्निक के स्थान पर क्षेत्र में राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान स्थापित करना और मुख्यमंत्री की वर्ष 2023 की घोषणा के अनुरूप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मासी का उच्चीकरण करना भी शामिल है। समिति का कहना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने सामरिक और क्षेत्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रामनगर से चौखुटिया तक रेल लाइन का विस्तार करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि रेल संपर्क विकसित होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है और विकास के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
रैली में शामिल स्थानीय लोगों और आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। फिलहाल, क्रमिक अनशन के जरिए समिति ने अपनी मांगों को लेकर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।

