रानीखेत का हैड़ाखान मंदिर बना आस्था का केंद्र, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु, जगदम्बा महायज्ञ में उमड़ी भक्तों की भीड़

रानीखेत का हैड़ाखान मंदिर बना आस्था का केंद्र, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु, जगदम्बा महायज्ञ में उमड़ी भक्तों की भीड़

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के चिलियानौला स्थित प्रसिद्ध बाबा हैड़ाखान मंदिर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर इस बार भी बड़ी संख्या में देशी-विदेशी श्रद्धालु बाबा के धाम पहुंचे। मंदिर परिसर में आयोजित जगदम्बा महायज्ञ, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा हैड़ाखान के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

रानीखेत के चिलियानौला स्थित हैड़ाखान मंदिर में वर्षभर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन होता रहता है, लेकिन शारदीय नवरात्र के दौरान यहां विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है। इस अवसर पर आयोजित जगदम्बा महायज्ञ में श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। मंदिर परिसर में गूंजते भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।

बाबा हैड़ाखान के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। उनके अनुयायी बाबा को योग, साधना और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक मानते हैं। भक्तों का विश्वास है कि बाबा हैड़ाखान की कृपा से जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और आध्यात्मिक शांति की तलाश में यहां पहुंचते हैं।

हैड़ाखान मंदिर की विशेष पहचान विदेशी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या भी है। यहां हर साल इटली, जापान, अमेरिका, स्पेन, कनाडा और फ्रांस सहित विभिन्न देशों से लोग पहुंचते हैं। विदेशी श्रद्धालु भारतीय संस्कृति, योग, ध्यान और सनातन परंपराओं से प्रभावित होकर बाबा हैड़ाखान के धाम में साधना और पूजा-अर्चना करते हैं। कई श्रद्धालु लंबे समय तक मंदिर में रहकर धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं।

इस मंदिर की एक अनूठी परंपरा विदेशी युवक-युवतियों के विवाह समारोहों से भी जुड़ी हुई है। बाबा हैड़ाखान में आस्था रखने वाले कई विदेशी जोड़े यहां पहुंचकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करते हैं। अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेते हुए वे दांपत्य जीवन की शुरुआत करते हैं। विवाह के बाद कुछ विदेशी जोड़ों का विधि-विधान से नामकरण संस्कार भी कराया जाता है।

चिलियानौला स्थित बाबा हैड़ाखान मंदिर की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। तभी से यह स्थान आध्यात्मिक साधना और धार्मिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रहा है। हिमालय की खूबसूरत वादियों के बीच स्थित यह मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

बाबा हैड़ाखान के अनुयायियों में आम श्रद्धालुओं के साथ देश-दुनिया की कई प्रसिद्ध हस्तियों के नाम भी जुड़े रहे हैं। इनमें बॉलीवुड अभिनेता शम्मी कपूर, प्रियंका चोपड़ा और राजेश पायलट जैसी हस्तियों का उल्लेख किया जाता है। विशेष रूप से अभिनेता शम्मी कपूर की बाबा हैड़ाखान के प्रति गहरी आस्था बताई जाती है। कपूर परिवार के अन्य सदस्यों का भी इस धार्मिक स्थल से जुड़ाव रहा है।

बताया जाता है कि वर्ष 1975 में शम्मी कपूर ने हैड़ाखान मंदिर की यात्रा के दौरान गेरुआ वस्त्र और रुद्राक्ष की माला धारण की थी। बाबा हैड़ाखान के प्रति उनकी श्रद्धा और आध्यात्मिक लगाव की चर्चा आज भी भक्तों के बीच होती है। मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा की शिक्षाएं प्रेम, सेवा, सत्य और मानव कल्याण का संदेश देती हैं।

शारदीय नवरात्र के अवसर पर इस बार भी चिलियानौला स्थित बाबा हैड़ाखान मंदिर देशी-विदेशी श्रद्धालुओं से गुलजार रहा। जगदम्बा महायज्ञ, धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-कीर्तन में शामिल होकर भक्तों ने आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा हैड़ाखान के प्रति विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था न केवल इस धाम की धार्मिक पहचान को मजबूत करती है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई पहचान दिलाती है।