
स्थान – खटीमा/ऊधम सिंह नगर
रिपोर्टर – अशोक सरकार

उत्तर प्रदेश के बरेली में हैसियत प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर पत्रकार से कथित अवैध वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर पत्रकार प्रेस परिषद (भारत) की खटीमा इकाई और प्रेस क्लब खटीमा के पत्रकारों ने उपजिलाधिकारी खटीमा को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पत्रकार संगठनों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।

मामला बरेली के अपर जिलाधिकारी कार्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पांच हजार रुपये की कथित अवैध वसूली का आरोप सामने आया है। पत्रकार अवधेश कुमार ने इस संबंध में जिलाधिकारी बरेली से शिकायत करते हुए कार्यालय में तैनात एक सहायक बाबू पर फाइल आगे बढ़ाने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया है।



शिकायतकर्ता पत्रकार अवधेश कुमार के अनुसार, हैसियत प्रमाण पत्र से संबंधित फाइल को आगे बढ़ाने के लिए उनसे पांच हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि संबंधित कर्मचारी ने सरकारी प्रक्रिया के नाम पर अपने निजी क्यूआर कोड के माध्यम से रकम का भुगतान करने को कहा। पत्रकार ने इसे अवैध वसूली बताते हुए प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।


इस प्रकरण को लेकर पत्रकार प्रेस परिषद (भारत) की खटीमा इकाई और प्रेस क्लब खटीमा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने नाराजगी जताई है। पत्रकारों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में आम जनता से किसी भी कार्य के बदले अवैध धनराशि मांगना गंभीर मामला है। ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।


पत्रकार संगठनों ने आरोप लगाया कि अवैध वसूली की शिकायत करने वाले पत्रकार अवधेश कुमार के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। संगठनों का कहना है कि यदि शिकायतकर्ता के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की गई है, तो यह चिंताजनक विषय है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

खटीमा में पत्रकार प्रेस परिषद (भारत) और प्रेस क्लब के सदस्यों ने एकजुट होकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश देने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने और न्याय पाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।



पत्रकार संगठनों ने मांग की कि कथित अवैध वसूली के आरोपों की गहन जांच कराई जाए। यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही पत्रकार अवधेश कुमार के खिलाफ दर्ज बताए जा रहे मुकदमे की समीक्षा कर उसे निरस्त करने की मांग भी उठाई गई।

पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम बनने के साथ जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने का कार्य करते हैं। ऐसे में किसी पत्रकार द्वारा भ्रष्टाचार या अवैध वसूली की शिकायत किए जाने पर उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। संगठनों ने कहा कि शिकायतकर्ता के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई उचित नहीं है।
फिलहाल पत्रकार प्रेस परिषद (भारत) और प्रेस क्लब खटीमा ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। पत्रकार संगठनों का कहना है कि जांच के माध्यम से वास्तविक तथ्य सामने आने चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके और किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, संबंधित कर्मचारी और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही कथित अवैध वसूली के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

