सेना के जवानों ने गंगा की लहरों पर दिखाया साहस, व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान का वीरभद्र बैराज में समापन

सेना के जवानों ने गंगा की लहरों पर दिखाया साहस, व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान का वीरभद्र बैराज में समापन

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय सेना की 12वीं आर्मी सेवा कोर (एएससी) रीयूनियन के अवसर पर 514 एएससी बटालियन द्वारा आयोजित व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान का ऋषिकेश स्थित वीरभद्र बैराज में समापन किया गया। रुद्रप्रयाग से शुरू हुए इस साहसिक अभियान में सेना के जवानों ने गंगा की चुनौतीपूर्ण लहरों के बीच अपने अदम्य साहस, अनुशासन और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया।

इस विशेष राफ्टिंग अभियान का उद्देश्य सेना के जवानों में साहसिक गतिविधियों के प्रति उत्साह बढ़ाना और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना रहा। अभियान के दौरान जवानों ने गंगा की तेज धाराओं और चुनौतीपूर्ण जलमार्गों का सामना करते हुए निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने का लक्ष्य पूरा किया।

रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक आयोजित इस व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान में सेना के जवानों ने टीम भावना और आपसी समन्वय का शानदार प्रदर्शन किया। गंगा की लहरों के बीच जवानों ने साहस और संयम के साथ अभियान को पूरा किया।

अभियान का समापन सेना के उच्च अधिकारी मुकेश चड्ढा द्वारा ऋषिकेश स्थित वीरभद्र बैराज में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने जवानों के उत्साह और साहस की सराहना करते हुए कहा कि सेना में इस प्रकार की गतिविधियों का विशेष महत्व है।

मुकेश चड्ढा ने कहा कि सेना के जवानों में जोश और उत्साह के साथ संयम बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर साहसिक अभियानों का आयोजन किया जाता है, ताकि जवान शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सकें।

उन्होंने कहा कि व्हाइट वाटर राफ्टिंग जैसी गतिविधियां जवानों में दृढ़ता, साहस और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे अभियानों से कठिन और विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने तथा चुनौतियों का डटकर सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

सेना के अधिकारियों के अनुसार, साहसिक गतिविधियां जवानों को अनुशासन और टीमवर्क का महत्व भी सिखाती हैं। राफ्टिंग के दौरान सभी जवानों को एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ना होता है, जिससे आपसी विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होती है।

12वीं आर्मी सेवा कोर रीयूनियन के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने सेना के जवानों को अपनी शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान किया। इस आयोजन के माध्यम से जवानों को नई चुनौतियों का सामना करने और अपने कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया गया।

वीरभद्र बैराज में अभियान के सफल समापन के साथ सेना के जवानों का उत्साह देखने को मिला। सेना के उच्च अधिकारी मुकेश चड्ढा ने अभियान में भाग लेने वाले जवानों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के साहसिक आयोजन भारतीय सेना की मजबूत परंपराओं, अनुशासन, साहस और दृढ़ संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।