
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले को लेकर हल्द्वानी में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद का पुतला फूंकते हुए पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए संबंधित सांसद के खिलाफ राजनीतिक स्तर पर कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार यह मामला मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़ा है, जो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी थे। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने उन पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद 9 अक्टूबर को उन्हें प्रोफेसर पद से बर्खास्त कर दिया गया।



हल्द्वानी में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। महिला मोर्चा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर लगातार धरना-प्रदर्शन करती है, लेकिन जब उसकी अपनी पार्टी के सांसद पर गंभीर आरोप लगे हैं, तो कांग्रेस नेतृत्व इस मामले में जवाब देने से बच रहा है।


महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में छात्राओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के साथ जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।



प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं और महिलाओं के अधिकारों को लेकर लगातार संवाद करते हैं, लेकिन उनकी अपनी पार्टी के सांसद पर लगे आरोपों के मामले में कांग्रेस की ओर से स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। महिला मोर्चा ने इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही है। उनका कहना था कि जब महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं, तो कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करती है, लेकिन अपनी पार्टी से जुड़े नेताओं पर आरोप लगने की स्थिति में वैसी सक्रियता दिखाई नहीं देती।



गौरतलब है कि जेएनयू की आंतरिक समिति ने छात्राओं की शिकायतों की जांच की थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 11 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि बिमोल अकोइजम ने आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई को अपने खिलाफ साजिश बताया है।
महिला मोर्चा ने मांग की कि कांग्रेस नेतृत्व इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सांसद के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई करे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर किसी भी राजनीतिक दल को समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने मामले में छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई।
हल्द्वानी में भाजपा महिला मोर्चा के इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस सांसद से जुड़े आरोपों का मामला स्थानीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। महिला मोर्चा ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही की मांग की है। वहीं, विश्वविद्यालय द्वारा की गई बर्खास्तगी और सांसद के खिलाफ लगे आरोपों के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई आपराधिक दोषसिद्धि नहीं है। मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।

