राजधानी से बाहर भी होंगी कैबिनेट बैठकें, सीएम धामी ने दिए बड़े फैसलों के संकेत

राजधानी से बाहर भी होंगी कैबिनेट बैठकें, सीएम धामी ने दिए बड़े फैसलों के संकेत

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने की नई पहल शुरू की है। इसी क्रम में सीमांत जनपद चंपावत के बनबसा के बाद अब हरिद्वार में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक निर्णयों और विकास योजनाओं को प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 4 अक्टूबर को चंपावत जिले के बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। इसके बाद 12 अक्टूबर को हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में मंत्रिमंडल की बैठक निर्धारित की गई। सरकार की इस पहल को राजधानी से बाहर प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तार करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि पहले इस प्रकार की महत्वपूर्ण बैठकें मुख्य रूप से राजधानी और प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों तक सीमित रहती थीं। लेकिन अब सरकार ने इन बैठकों को जिला मुख्यालयों और दूरदराज के क्षेत्रों तक ले जाने का निर्णय लिया है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों की अपनी अलग भौगोलिक परिस्थितियां और विकास संबंधी चुनौतियां हैं। ऐसे में अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित होने से क्षेत्रीय समस्याओं और स्थानीय आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि जनहित से जुड़े निर्णयों का लाभ प्रदेश के हर क्षेत्र तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सरकार जनता के हित में कुछ और महत्वपूर्ण निर्णय लेने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि इन संभावित फैसलों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

प्रदेश सरकार की इस पहल को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा हो रही है। राजधानी से बाहर लगातार कैबिनेट बैठकें आयोजित करने के निर्णय ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। सरकार का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन की पहुंच को व्यापक बनाना तथा क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देना है।

हरिद्वार में होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जाना है। धार्मिक नगरी में आयोजित इस बैठक में कुंभ मेले की तैयारियों, बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के विकास में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की समान भागीदारी आवश्यक है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ सीमांत गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक पहुंचे। जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने की पहल को इसी उद्देश्य से जोड़ा जा रहा है।

फिलहाल चंपावत के बाद हरिद्वार में आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक को लेकर लोगों की निगाहें सरकार के आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री की ओर से जनहित में बड़े निर्णय लेने के संकेतों के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंत्रिमंडल किन प्रस्तावों को मंजूरी देता है और इन निर्णयों का प्रदेश की जनता को कितना लाभ मिलता है।