नवरात्रि के दूसरे दिन हरिद्वार के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मां ब्रह्मचारिणी की हुई विशेष पूजा-अर्चना

नवरात्रि के दूसरे दिन हरिद्वार के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मां ब्रह्मचारिणी की हुई विशेष पूजा-अर्चना

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन धर्मनगरी हरिद्वार में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। भक्तों ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूरे शहर में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

नवरात्रि के दूसरे दिन हरिद्वार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां मायादेवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। जूना अखाड़ा परिसर स्थित इस प्राचीन मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही बनी रही और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरिद्वार स्थित मां मायादेवी मंदिर का विशेष पौराणिक महत्व है। इस मंदिर को माता सती के 51 शक्तिपीठों में शामिल माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता सती की नाभि गिरी थी, जिसके कारण इस स्थान को प्रमुख शक्तिपीठ के रूप में विशेष धार्मिक मान्यता प्राप्त है।

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव जब माता सती के शरीर को लेकर विचरण कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को विभिन्न भागों में विभाजित किया था। जहां-जहां माता सती के अंग गिरे, उन स्थानों को शक्तिपीठ के रूप में मान्यता मिली। इसी धार्मिक आस्था के चलते मां मायादेवी मंदिर में देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, संयम और साधना की प्रतीक हैं। भक्तों का विश्वास है कि मां की आराधना करने से जीवन में धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

मां मायादेवी मंदिर के अलावा हरिद्वार के अन्य प्रमुख देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर और सुरेश्वरी देवी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर माता के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर हरिद्वार के मंदिरों के साथ घरों में भी धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद माता की पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ, आरती और मंत्र जाप कर रहे हैं। कई भक्त नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर रहे हैं।

धर्मनगरी हरिद्वार में नवरात्रि का पर्व विशेष धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। देवी मंदिरों में माता के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं में मां दुर्गा के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है। नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना के साथ हरिद्वार के प्रमुख देवी मंदिरों में दिनभर धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं। मां मायादेवी, मनसा देवी, चंडी देवी और सुरेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। देवी आराधना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरी धर्मनगरी भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आई।