
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा अलग-अलग जिलों में आयोजित की जा रही कैबिनेट बैठकों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार की इस पहल पर सवाल उठाते हुए बैठकों के औचित्य और उनसे जनता को मिलने वाले लाभ की जानकारी मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर सरकार इस प्रकार की गतिविधियां आयोजित कर रही है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने का वास्तविक उद्देश्य क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन बैठकों से संबंधित जिलों की समस्याओं का समाधान हो रहा है या फिर केवल बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इन बैठकों के परिणाम जनता के सामने रखने की मांग की।




कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं को समझने के लिए गंभीर थी, तो इस प्रकार की पहल पहले ही शुरू की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष के कार्यकाल में हर साल अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित की जातीं, तो सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली अधिक स्पष्ट होती।

गोदियाल ने आरोप लगाया कि अब विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर सरकार को जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने की याद आ रही है। उन्होंने इसे चुनावी समय में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरे कार्यकाल में लगातार काम करना चाहिए था। केवल चुनाव से पहले इस प्रकार की पहल करना पर्याप्त नहीं है।


उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं हैं। सरकार को बताना चाहिए कि जिलों में आयोजित कैबिनेट बैठकों से इन समस्याओं के समाधान की दिशा में क्या ठोस प्रगति हुई है। उनके अनुसार जनता को बैठकों के आयोजन से अधिक उनके वास्तविक परिणामों की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा राजधानी देहरादून से बाहर भी कैबिनेट बैठकें आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 4 अक्टूबर को सीमांत जनपद चंपावत के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी। इसके बाद 12 अक्टूबर को हरिद्वार में कैबिनेट बैठक निर्धारित की गई। सरकार ने इस पहल को शासन को दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया है।



प्रदेश सरकार का कहना है कि अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करना है। सरकार के अनुसार इस पहल से प्रशासनिक निर्णयों में विभिन्न क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाने और विकास योजनाओं को गति देने में मदद मिल सकती है। हालांकि कांग्रेस ने इस पहल के समय और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं।
गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार को जनता के सामने अपनी उपलब्धियों और जिलों में किए गए विकास कार्यों का विवरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर इस प्रकार की कवायद करने से सरकार को कोई विशेष लाभ नहीं मिलने वाला है। उनके मुताबिक जनता विकास कार्यों और समस्याओं के समाधान के आधार पर सरकार का आकलन करेगी।
प्रदेश में अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकों के आयोजन को लेकर अब भाजपा सरकार और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर सरकार इसे प्रशासनिक पहुंच और क्षेत्रीय विकास को मजबूत करने की पहल बता रही है, वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसकी आवश्यकता, समय और परिणामों पर सवाल उठाए हैं। अब इन बैठकों में लिए गए निर्णयों और उनके क्रियान्वयन से ही यह स्पष्ट होगा कि जिलों की समस्याओं के समाधान में यह पहल कितनी प्रभावी साबित होती है।

